अब राजस्थान मॉडल से खुले में शौचमुक्त होगा महराजगंज जिला

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  • चार साल में जिले की 1246 ग्राम पंचायतों में से 139 गांव ही हो सके हैं ओडीएफ

शिवरतन कुमार गुप्ता ‘राज’

महराजगंज। जिले के गांवों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करने के सभी प्रयास विफल हो जाने के बाद अब जिला प्रशासन ने इसके लिए राजस्थान मॉडल को अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत डीएम, सीडीओ, बीडीओ हर दिन प्रधानों के पास फोन कर ओडीएफ के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी लेंगे। बेहतर कार्य करने वाले प्रधानों को शाबाशी दी जाएगी और लापरवाही मिलने पर अधिकारी फटकार भी लगाएंगे।

शौचालय निर्माण का बुरा हाल

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 1246 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया जाना है, लेकिन अबतक मात्र 139 गांव ही ओडीएफ हो सके हैं। अक्तूबर 2014 से शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में कुल दो लाख 89 हजार 847 शौचालय बनने हैं, लेकिन चार साल में 60 हजार शौचालय भी नहीं बन पाए हैं। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 5,901, वर्ष 2015-16 में 7,190 वर्ष 2016-17 में 10,259 और वर्ष 2017-18 में 33,444 शौचालय ही बने हैं।

प्रधानों ने नहीं दिखाई रुचि

गांवों को ओडीएफ करने के लिए प्रधानों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई। इसका परिणाम यह हुआ कि गांवों में शौचालय निर्माण का काम बहुत धीमा रहा। प्रशासन ने भी इसके लिए काफी प्रयास किया। अधिकारियों के बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब शौचालय निर्माण पूरा नहीं हो पाया तो प्रशासन ने राजस्थान मॉडल अपनाने का फैसला किया। इसके तहत अब प्रधानों को सीधे डीएम, सीडीओ और बीडीओ के प्रति जवाबदेह बनाया गया है।

डीएम के पास भेजा गया प्रस्ताव

जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) नित्याानंद का कहना है कि गांवों को ओडीएफ कराने में ग्राम प्रधानों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन वे इसके लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्हों ने बताया कि शौचालय निर्माण में तेजी लाने के लिए राजस्थान मॉडल का प्रस्ताव तैयार कर डीएम के पास भेज दिया गया है। वहां से अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

10-10 प्रधानों को फोन कर लेंगे रिपोर्ट

जिला पंचायत राज विभाग के अनुसार, प्रत्येक दिन डीएम, सीडीओ 10-10 प्रधानों के पास फोन करके शौचालय निर्माण व ओडीएफ के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी लेंगे। वहीं ब्लाक स्तर पर भी बीडीओ, एडीओ पंचायत व ब्लॉक समन्वयक 10-10 प्रधानों के पास फोन करेंगे।

क्या है राजस्थान मॉडल ?

राजस्थान में डीएम गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए प्रधानों को सीधे फोन करते हैं। ऐसे में डीएम के प्रति जवाबदेह होने पर ग्राम प्रधानों ने सहयोग दिया और वहां शौचालय निर्माण का काम तेजी से काम हुआ। आज राजस्थान की कुल 9,891 ग्राम पंचायतों में से 9,310 ग्राम पंचायतें ओडीएफ हो चुकी हैं।

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