सेहत तो बनाता है, लेकिन सबकी किस्मत में नहीं होता ‘दूध’

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नई दिल्ली। दूध…दूध…दूध…विज्ञापनों में दूध पीने के तमाम फायदों के बारे में आपने सुना होगा। पौष्टिकता से भरपूर दूध पीने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं, लेकिन आपको सुनकर हैरत होगी कि तमाम राज्य ऐसे हैं, जहां एक दिन में दो गिलास दूध तक पीना हर किसी के बस की बात नहीं। वजह है इसकी कीमत। दूध की लगातार बढ़ती कीमत ने इस जरूरी चीज को लोगों से दूर कर दिया है।

बढ़ती कीमत ने दूध को किया लोगों से दूर
आपको हैरत होगी ये जानकर कि देश के टॉप 10 राज्यों में से 6 में ही हर व्यक्ति को रोज 500 ग्राम दूध औसतन मिलता है। बात करें यूपी, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और हिमाचल की तो इन राज्यों में हर व्यक्ति को रोज 2 गिलास तक दूध पीने को नहीं मिलता।

बड़े उत्पादक भारत में ये समस्या क्यों ?
दुनिया में भारत दूध के बड़े उत्पादक देशों में शामिल है। यहां हर साल 15 करोड़ टन से ज्यादा दूध उत्पादन होता है। 1970 में ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत इसलिए की गई थी कि हर व्यक्ति तक दूध जैसी जरूरत की चीज पहुंच सके। फिर भी उस लक्ष्य को हासिल करने में अभी हम काफी पीछे हैं।

क्या है दूध की कीमत ?
अब जरा दूध की कीमत पर भी गौर कर लेते हैं। फिलहाल ज्यादातर राज्यों में आधा लीटर दूध 25 से 26 रुपए में मिलता है। हमारे देश की आधी से ज्यादा आबादी के लिए ऐसे में ये लग्जरी की वस्तु हो गई है। एक मजदूर, जिसके परिवार में पांच-छह सदस्य हों, वो इतनी मजदूरी नहीं पाता कि परिवार के हर सदस्य को रोजाना की जरूरत के मुताबिक दूध पिला सके।

दूध की कमी से क्या होता है ?
दूध की कमी से विटामिन ए शरीर में कम हो जाता है। जिसकी वजह से नजरें कमजोर होती हैं। साथ ही दूध अगर न पीया जाए, तो हड्डियां भी कमजोर हो जाती है। वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि दूध पीने वाले ज्यादा बुद्धिमान होते हैं। ऐसे में बच्चों के लिए हर रोज कम से कम दो गिलास दूध पीना जरूरी माना जाता है।

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