कोसोवो की संसद में वोटिंग रोकने के लिए विपक्ष ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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  • आंसू गैस के गोले छूटते ही पूरा हॉल धुएं से भर गया, संसद में मची अफरातफरी
  • मोंटेनेगरो के साथ सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग नहीं होने देना चाहते हैं विपक्षी दल

प्रिस्‍टीना। भारत सहित दुनियाभर के देशों की संसद में हंगामा होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन अगर संसद में विपक्षी सदस्‍यों द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं तो किसी का भी चौंकना स्‍वाभाविक है। कभी सर्बिया का हिस्सा रहा कोसोवो आज इसी वजह से सुर्खियों में है। कोसोवो की संसद में मोंटेनेगरो के साथ सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग होनी थी। आरोप है कि वोटिंग रोकने के लिए विपक्ष ने आंसू गैस के गोले फेंकने शुरू कर दिए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और संसद की कार्यवाही बीच में ही रोकनी पड़ी। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ, इससे पहले भी कोसोवो की संसद में मिर्च पाउडर फेंके गए हैं।

क्‍यों फेंके आंसू गैस के गोले ?

कोसावो की संसद में बुधवार को मोंटेनेगरो के साथ सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग होनी थी, तभी विपक्षी सांसदों ने सीट के नीचे से आंसू गैस के गोले निकालकर दूसरी ओर फेंकना शुरू कर दिया। गोले छूटते ही पूरा हॉल धुएं से भर गया। संसद में अफरातफरी मच गई और सांसद मुंह ढककर भागने लगे। संसद की कार्यवाही को बीच में ही रोक देना पड़ा। विपक्ष का आरोप है कि मोंटेनेगरो के साथ हुए सीमा समझौते में कोसोवो को 8200 हेक्टेयर जमीन का नुकसान हो रहा है, इसी वजह से विपक्ष चाह रहा था कि सदन में इस मुद्दे पर वोटिंग न हो। हालांकि सरकार समझौते के फैसले के साथ है। 2015 के इस समझौते को बरकरार रखने के लिए 120 सदस्यों वाली संसद के दो-तिहाई मतों का समर्थन जरूरी है, लेकिन विपक्षी दल इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

कोसोवो की संसद में आंसू गैस के गोले छूटने के बाद अफरातफरी मच गई

दो सांसद हुए घायल

बताया जा रहा कि इस घटना में दो सांसद घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुलिस सदन में घुसी और जो लोग अंदर डटे हुए थे, उनसे बाहर जाने को कहा। 8 लोगों को संसद के सत्र में जाने से रोक दिया गया और 7 को पुलिस पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पुलिस के मुताबिक, जिन सांसदों को पहले से संसद में जाने से रोका गया है, वे भी वहां मौजूद थे या नहीं, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि विपक्ष ने दो समूहों में बंटकर संसद के भीतर आंसू गैस के गोले फेंके। पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच कर रही है।

क्या है मोंटेनेगरो सीमा समझौता?
कोसोवो एक ऐसा देश है जो चारों ओर जमीन से घिरा है। इसके उत्तर-पश्चिम में मोंटेनेगरो देश है। कोसोवो के उत्तर और पूर्व में सर्बिया, दक्षिण में मेसाडोनिया गणराज्य, पश्चिम में अल्बानिया है। कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच 2015 में यूरोपियन यूनियन की शर्तों के तहत समझौता हुआ था। विपक्ष का आरोप है कि मोंटेनेगरो के साथ हुए सीमा समझौते में कोसोवो को 8200 हेक्टेयर जमीन का नुकसान हो रहा है। इसी वजह से विपक्ष इस मुद्दे में वोटिंग नहीं होने दे रहा है।

 

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