अब 20 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी होगी टैक्स फ्री, संसद से बिल पास

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  • ग्रैच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक को राज्‍यसभा से मिली मंजूरी

नई दिल्ली। ग्रैच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक को गुरुवार (22 मार्च) को संसद की मंजूरी मिल गई। राज्‍यसभा ने भी इस पारित कर दिया है। इस बिल के पास होने के बाद टैक्‍स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़कर 20 लाख रुपये हो जाएगी। अब सरकार को इस एक्‍ट में संशोधन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बता दें कि लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।

बिना चर्चा राज्‍यसभा में बिल हुआ पास

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने समेत अन्य मुद्दों पर भारी हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। गुरुवार को भी इसको लेकर सदन में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही 20 मिनट बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इसी बीच ग्रैच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक को श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार के अनुरोध पर बिना चर्चा के सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। विधेयक के लिए कांग्रेस के डॉ. सुब्बीरामी रेड्डी ने दो संशोधन पेश किए थे, लेकिन उन्होंने अपने दोनों संशोधन वापस ले लिये।

अभी तक 10 लाख तक की रकम थी टैक्‍स फ्री

संगठित क्षेत्र में 5 साल या इससे ज्यादा अवधि तक नौकरी कर चुके कर्मचारी को नौकरी छोड़ने या रिटायर होने के बाद ग्रैच्‍युटी मिलती है। वर्तमान में 10 लाख रुपए तक की ग्रैच्‍युटी पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। अब संसद से कानून पास होने के बाद यह सीमा दोगुनी हो जाएगी।

क्या है ग्रैच्‍युटी

ग्रैच्युटी आपके वेतन, यानी आपकी सैलरी का वह हिस्सा है, जो कंपनी या आपका नियोक्ता, यानी एम्प्लॉयर आपकी सालों की सेवाओं के बदले में देता है। ग्रैच्युटी दरअसल रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा है और नौकरी छोड़ने या खत्म हो जाने पर कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा दी जाती है। ग्रैच्‍युटी भुगतान विधायक, 1972 को फैक्ट्री, खदानों, बंदरगाहों समेत अन्य कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए लागू किया गया था। यह कानून उस कंपनी पर लागू होता है, जहां कम से कम 10 कर्मचारी काम करते हों। इसके साथ ही कर्मचारी ने 5 साल या उससे ज्यादा समय तक उस कंपनी में काम किया हो।

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