world forest day: जंगल बचेंगे तो आप भी बचेंगे, वरना सबकुछ खा जाएगी कंक्रीट !

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लखनऊ। cc और जिधर नजर जाए, कंक्रीट के जंगल ही दिखते हैं। इससे भविष्य में हम इंसानों समेत तमाम प्रजातियों के जीवों को बड़ा खतरा हो सकता है।

क्या है भारत में वनों का हाल ?
मौजूदा वक्त में भारत में सिर्फ 19.39 फीसदी जमीन पर वन हैं। सबसे ज्यादा वन छत्तीसगढ़ में हैं। उसके बाद मध्यप्रदेश और यूपी का नंबर आता है। केंद्र सरकार ने 1952 में वन नीति बनाई थी। जिसमें कहा गया था कि देश के कम से कम 33.3 फीसदी हिस्से में घने जंगल होने चाहिए, लेकिन आंकड़े साफ कर देते हैं कि सरकार के नियम धरे रह गए हैं।

क्या है वजह ?
वनों के लगातार कम होने की बड़ी वजह ज्यादा जनसंख्या है। विशेषज्ञों के मुताबिक रहने की जगह के लिए वनों को खत्म किया जा रहा है। लकड़ी माफिया भी वनों में अवैध कटान कर उसे खत्म करने की बड़ी वजह हैं।

रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं जंगली जानवर
वनों के लगातार खत्म होने का नतीजा शहरों में दिख रहे जंगली जानवर हैं। तमाम जगह बाघ जंगलों से निकलकर आबादी के बीच पहुंच रहे हैं। लखनऊ जैसे बड़े शहर में लगातार तेंदुए आ रहे हैं। बंदरों का आतंक भी पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़ा हुआ बड़ा मुद्दा है। जब जंगली जीवों को रहने की जगह नहीं मिलेगी, तो वे आबादी के बीच अपने भोजन की तलाश में भटकने लगते हैं। जिनमें उन्हें जान गंवानी भी पड़ती है। इस तरह तमाम संकटग्रस्त प्रजातियों के नष्ट होने का भी खतरा बढ़ता जा रहा है।

क्या करने की है जरूरत ?
सरकार को वन नीति नए सिरे से बनाने की जरूरत है। साथ ही वनों की अवैध कटान करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान भी किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक सख्त रवैया अख्तियार किए बगैर वनों को बचाना मुश्किल होगा।

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