मजीठिया के बाद अब केजरीवाल ने गडकरी और सिब्बल से भी मांगी माफी

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  • केजरीवाल ने गडकरी को भारत में सबसे भ्रष्ट लोगों में से बताने वाले बयान के लिए खेद जताया
  • दोनों नेताओं ने किए थे अरविंद केजरीवाल के ऊपर मानहानि के केस, अब वापस लेंगे मामला

नई दिल्‍ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगने के बाद आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में बवाल अभी थमा भी नहीं था कि अब केजरीवाल ने सोमवार (19 मार्च) को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल से भी माफी मांग ली है। केजरीवाल ने अपने भाषणों और बयानों में दोनों नेताओं पर आरोप लगाए थे जिसके बाद दोनों नेताओं ने उनके खिलाफ मानहानि के केस किए थे। गडकरी और केजरीवाल ने पटियाला हाउस कोर्ट में केस को वापस लेने की अर्जी भी लगा दी है।

16 मार्च को गडकरी को लिखा था पत्र

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी नेता नितिन गडकरी को 16 मार्च को लिखे गए पत्र में कहा है, ‘हम दोनों अलग-अलग दलों में हैं। मैंने आपके बारे में बिना जांचे कुछ आरोप लगाए जिससे आपको दुख हुआ होगा, इसलिए आपने मेरे खिलाफ मानहानि का केस दायर किया। मुझे आपसे निजी तौर पर कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए मैं आपसे माफी मांगता हूं।’ गडकरी की वकील पिंकी आनंद ने कहा कि यह सभी लोगों के लिए सबक है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के बारे में कोई भी टिप्‍पणी नहीं की जानी चाहिए।

सिब्‍बल बोले – हमने उन्‍हें माफ किया

वहीं अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और उनके बेटे अमित सिब्बल से भी अपने बयान के लिए खेद प्रकट किया है। बता दें कि केजरीवाल ने 2013 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल पर एक टेलिकॉम कंपनी से जुड़े टैक्स के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, इसके बाद केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ मानहानि केस दायर हुआ था। कपिल सिब्बल ने कहा, ‘केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने मान लिया है कि उनकी ओर से कुछ साल पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरे और बेटे के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद थे। इसी के लिए आज उन्होंने माफी मांगी है। हमने उन्हें माफ कर दिया है।’

लीगल टीम की सलाह पर केजरीवाल ने किया फैसला

बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगे जाने के बाद पार्टी के प्रवक्‍ता सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि सीएम अरविंद केजरीवाल दर्जनों मामलों का सामना कर रहे हैं, जो मानहानि, चुनाव प्रचार के दौरान होर्डिंग/पोस्‍टर लगाना, धारा 144 का उल्‍लंघन, दिल्‍ली में प्रदर्शन जैसे मुद्दों को लेकर दायर किए गए हैं। इनमें से ज्‍यादातर मामलों में व्‍यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहने की आवश्‍यकता होती है। ये मामले हमारे राजनीतिक विरोधियों द्वारा हमें हतोत्‍साति करने और हमारे नेतृत्‍व को इन कानूनी मामलों में उलझाए रखने के लिए दर्ज कराए गए हैं। ऐसे सभी मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने का निर्णय पार्टी की लीगल टीम की सलाह पर लिया गया है।

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