माल्या प्रकरण : ब्रिटेन की जज बोलीं – भारतीय बैंकों ने खुद तोड़े अपने नियम

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  • जज ने कुछ बैंककर्मियों पर लगे आरोपों को समझाने के लिए भारतीय अधिकारियों को किया ‘आमंत्रित’ 

नई दिल्‍ली/लंदन। वित्तीय संस्थाओं के साथ धोखाधड़ी मामले में फंसे भारतीय शराब कारोबारी विजय माल्या शुक्रवार को ब्रिटेन की एक अदालत में पेश हुए। इस अदालत में उनके खिलाफ प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान ब्रिटेन की न्यायाधीश ने कहा कि माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने में कुछ भारतीय बैंकों ने खुद ही नियम तोड़े और यह बात ‘बंद आंख से भी’ देखी जा सकती है।

पूरा मामला जिग्सॉ पजल की तरह : जज

लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की न्यायाधीश एम्मा आर्बथनॉट ने पूरे मामले को जिग्सॉ पजल (खांचे जोड़ने वाली पहेली) की तरह बताया और कहा कि विजय माल्या के खिलाफ ढेर सारे सबूत मिले हैं। अगर एक साथ इन सबूतों पर नजर डाली जाए तो देखने पर पूरा मामला साफ तौर पर समझा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘यह साफ है कि बैंकों ने (कर्ज मंजूर करने में) अपने ही दिशानिर्देशों की अवहेलना की।’ एम्मा ने इस मामले में शामिल कुछ बैंक कर्मियों पर लगे आरोपों को समझाने के लिए भारतीय अधिकारियों को ‘आमंत्रित’ किया और कहा कि यह बात माल्या के खिलाफ ‘षड्यंत्र’ के आरोप की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

9,000 करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप

उल्लेखनीय है कि 62 वर्षीय माल्या के खिलाफ उन्हें प्रत्यर्पित कर भारत भेजने को लेकर सुनवाई चल रही है। अगर माल्‍या को भारत भेजने का फैसला होता है तो यहां उनके खिलाफ बैंकों के साथ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सुनवाई शुरू हो सकेगी। माल्‍या के खिलाफ करीब 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और हेराफेरी का आरोप है। इस मामले में भारत सरकार की ओर से पैरवी कर रही स्थानीय अभियोजक क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कोर्ट में इस संबंध में जमा कराए गए साक्ष्यों को लेकर अपनी दलीलें पेश कीं। बता दें कि माल्या फिलहाल दो अप्रैल तक जमानत पर बाहर हैं।

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