एनडीए से भी चंद्रबाबू ने तोड़ा नाता, मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

59 0

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार से अपने मंत्रियों को हटाने के एक हफ्ते बाद टीडीपी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए से भी अलग होने का एलान कर दिया है। टीडीपी के 16 सांसद हैं। साथ ही चंद्रबाबू ने वाईएसआर कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन का भी एलान किया है।

आखिर क्यों नाराज हुए चंद्रबाबू ?
चंद्रबाबू की नाराजगी की वजह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना है। चंद्रबाबू ने बीते हफ्ते केंद्र से अपने दोनों मंत्रियों को हटाने के बाद कहा था कि विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए वो लगातार पीएम मोदी से मिलकर गुहार लगाते रहे। यहां तक कि टेलीफोन भी करते रहे। हमेशा भरोसा मिलता रहा, लेकिन आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। चंद्रबाबू ने इसी के चलते मंत्रियों को विरोध स्वरूप हटाया था। उन्होंने उस वक्त कहा था कि एनडीए में फिलहाल टीडीपी बनी रहेगी, लेकिन एक हफ्ते में ही चंद्रबाबू ने एनडीए का साथ छोड़ने का फैसला कर लिया।

अविश्वास प्रस्ताव : पक्ष में 181 सांसद, शिवसेना भी साथ छोड़े तो भी जीतेंगे मोदी

जगनमोहन ने भी दबाव बढ़ाया
बता दें कि वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद जगनमोहन रेड्डी ने भी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर मोदी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी ने लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तो दिया ही है, साथ ही जगनमोहन ने कहा कि अगर 5 अप्रैल तक आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया गया, तो उनके सांसद 6 अप्रैल को लोकसभा से सामूहिक इस्तीफा देंगे। बता दें कि 543 सदस्यीय लोकसभा में बीजेपी के 273 सांसद हैं।

क्यों नहीं मिला विशेष राज्य का दर्जा ?
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की राह में 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा आड़े आ गई। मोदी सरकार ने आयोग की रिपोर्ट को पहले ही मान लिया था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों के अलावा किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलना चाहिए। बता दें कि संविधान में भी किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने का प्रावधान नहीं है।

Related Post

विवाहेतर संबंधों में सिर्फ पुरुष दोषी क्यों, सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

Posted by - December 9, 2017 0
नई दिल्ली। विवाहेतर संबंध बनाने पर महिला को अपराधी नहीं मानने की छूट देने वाला 157 साल पुराना कानून सुप्रीम…

बाजार में आएंगी ऐसी गर्भनिरोधक गोलियां, जिनका महिलाओं पर नहीं होगा दुष्प्रभाव

Posted by - November 19, 2018 0
स्टॉकहोम। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में 10 करोड़ से ज़्यादा महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *