Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

ब्रह्माण्ड का रहस्य बताने वाले जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन

69 0
  • 76 की उम्र में ली अंतिम सांस, 1963 में मोटर न्यूरॉन बीमारी के शिकार हुए थे
  • उन्‍होंने  साबित किया कि अगर इच्छा शक्ति हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है

नई दिल्ली दुनिया के जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का बुधवार (14 मार्च) को निधन हो गया। हॉकिंग ने 76 साल की उम्र में अपने घर में अंतिम सांस ली। हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम इंसान से अलग दिखते थे। उनके बच्चों लूसी, रॉबर्ट और टिम ने इस बारे में आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होने कहा, “हम पिता के जाने से बेहद दुखी हैं। हॉकिंग मूल रूप से ब्रिटेन के रहने वाले थे।

स्‍टीफन हॉकिंग का जन्‍म 8 जनवरी, 1942 को ब्रिटेन के ऑक्‍सफोर्ड में हुआ था। पहले उनका परिवार लंदन में रहता था, लेकिन बाद में सेंट एल्‍बेंस में रहने लगा। स्टीफन हॉकिंग महान वैज्ञानिक और असाधारण इंसान थे। उनका काम और विरासत आने वाले सालों में भी जानी जाएगी। हॉकिंग ने बिग बैंग सिद्धांत और ब्लैक होल को समझने में खास योगदान दिया है। यही कारण है कि उन्हें अमेरिका के सबसे उच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनकी ब्रह्मांड के रहस्यों पर किताब ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी दुनिया भर में काफी मशहूर हुई थी। उन्होंने एक बार कहा था, ‘अगर आपके प्रियजन ना हों तो ब्रह्मांड वैसा नहीं रहेगा जैसा है।’

हॉकिंस 21 साल की उम्र में 1963 में मोटर न्यूरॉन बीमारी के शिकार हुए। यह बहुत दुर्लभ बीमारी है। डॉक्टरों ने कहा था कि उनके जीवन के सिर्फ दो साल बचे हैं, लेकिन वह पढ़ने के लिए कैम्ब्रिज चले गये और अल्बर्ट आइंसटीन के बाद दुनिया के सबसे महान सैद्धांतिक भौतिकीविद बने। वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान केन्द्र (सेंटर ऑफ थियोरेटिकल कोस्मोलॉजी) के शोध निर्देशक भी रहे। उनकी बुद्धिमतता और हास्य के साथ उनके साहस और दृढ़-प्रतिज्ञा ने पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित किया है।

दुनिया के सबसे प्रसिद्ध भौतिकविद और ब्रह्मांड विज्ञानी पर 2014 में ‘थ्योरी ऑफ एवरीथिंग’ नामक फिल्म भी बन चुकी है। स्टीफ़न हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया था कि अगर इच्छा शक्ति हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। अपनी खोज के बारे में हॉकिंग ने कहा था, ‘मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने ब्रह्माण्ड को समझने में अपनी भूमिका निभाई। इसके रहस्य लोगों के लिये खोले और इस पर किये गये शोध में अपना योगदान दे पाया। मुझे गर्व होता है जब लोगों की भीड़ मेरे काम को जानना चाहती है।’

Related Post

हार्दिक पटेल और कांग्रेस के बीच आरक्षण पर बन गई बात

Posted by - November 22, 2017 0
अहमदाबाद: अहमदाबाद में हार्दिक पटेल ने बुधवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस किया जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो कांग्रेस आरक्षण…

‘पद्मावत’ के बाद अब कंगना की ‘मणिकर्णिका’ का शुरू हुआ विरोध

Posted by - February 7, 2018 0
राजस्‍थान की ब्राह्मण महासभा ने कहा, इस फिल्‍म में ऐतिहासिक तथ्‍यों के साथ हुई है छेड़छाड़ नई दिल्‍ली। दीपिका पादुकोण…

यूएस ने पाक को सौंपी 75 आतंकियों की सूची, हाफिज सईद का नाम नहीं

Posted by - October 26, 2017 0
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को 75 आतंकियों की सूची सौंपी…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *