दोपहर में घर से बाहर निकलना खतरनाक, सूरज की रोशनी कर देगी बीमार

75 0

नई दिल्ली। सूरज की रोशनी को विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन ताजा शोध के मुताबिक, सूरज की यही रोशनी आपको बीमार भी कर सकती है। एम्स के आरपी सेंटर के एक शोध से सामने आया है कि दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सूरज की रोशनी सबसे खतरनाक होती है।

क्या कहता है शोध ?
शोध के मुताबिक, दोपहर 12 से 2 बजे के बीच सूरज की रोशनी में खतरनाक अल्ट्रावायलेट यानी यूवी किरण सबसे ज्यादा एक्टिव होती हैं। इससे आंखों में सूखापन और एलर्जी का खतरा सबसे ज्यादा होता है। एम्स ने आईसीएमआर के सहयोग से साल 2010 से 2015 के बीच 11 हजार मरीजों पर ये शोध किया।

कहां-कहां से लिए गए आंकड़े ?
एम्स के शोधकर्ताओं ने दिल्ली-एनसीआर में गुड़गांव के एक ग्रामीण इलाके, पूर्वोत्तर भारत के एक पहाड़ी इलाके और आंध्र प्रदेश के समुद्र तटीय इलाकों में शोध किया। पता चला कि समुद्र तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा यूवी किरणें होती हैं। वहीं, दिल्ली में अनुमान के मुताबिक सबसे ज्यादा प्रदूषण मिला। बता दें कि प्रदूषण से भी आंखों की बीमारी और एलर्जी होती है।

दिल्ली के लोगों पर सबसे ज्यादा असर
शोध से पता चलता है कि दिल्ली के लोगों की आंखों में सबसे ज्यादा सूखापन होता है। यहां रहने वालों को बाकी इलाकों के मुकाबले एलर्जी भी सबसे ज्यादा होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उम्र बढ़ने पर कैटरेक्ट होता है, लेकिन यूवी किरणें और प्रदूषण भी कैटरेक्ट की बड़ी वजह हैं।

Related Post

इस बीमारी से ग्रस्त हो रही हैं ज्यादातर महिलाएं, बच्चे पैदा करने में होती है दिक्कत

Posted by - August 31, 2018 0
नई दिल्ली। महिलाओं और युवतियों में एक खतरनाक बीमारी घर कर रही है। इस बीमारी की वजह से बच्चे पैदा…

कई राज्यों में ATM खाली, लोगों में हाहाकार, RBI और बैंकों ने साधी चुप्पी

Posted by - April 17, 2018 0
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में एटीएम खाली पड़े हैं। इससे लोगों में हाहाकार मचा है। दिल्ली और लखनऊ समेत…

मच्छर तो मरते नहीं, आपको मौत के मुंह तक पहुंचा सकती हैं मच्छर मार दवाएं !

Posted by - July 18, 2018 0
लखनऊ। बरसात के मौसम में मच्छरों ने आतंक मचा रखा है। इन  मच्छरों  की वजह से अनेक तरह की बीमारियां जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि के…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *