राहुल बोले – मैंने और प्रियंका ने पापा के हत्यारों को पूरी तरह माफ किया

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  • सिंगापुर में कांग्रेस अध्‍यक्ष ने आईआईएम छात्रों से अपने परिवार को लेकर की बात
  • कहा – जब आप शक्तिशाली लोगों से टकराते हैं तो उसकी कीमत चुकानी पड़ती है

सिंगापुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी के हत्यारों को पूरी तरह से माफ कर दिया है। राहुल ने ये बातें सिंगापुर में आईआईएम छात्रों से बातचीत के दौरान एक कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही पता था कि उनकी दादी व पिता मारे जाएंगे। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वे और उनकी बहन पिता के कातिलों को माफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब आप शक्तिशाली लोगों से टकराते हैं तो आपको उसकी कीमत चुकानी पड़ती है।

राहुल गांधी ने शनिवार को बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं के सामने अपने परिवार को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को पहले ही पता था कि उनके पिता की कभी न कभी हत्या कर दी जाएगी। इसका जिक्र करते हुए राहुल बोले, ‘हमें पता था हमारे पिता मारे जाएंगे, हमें पता था कि हमारी दादी मारी जाएंगी। राजनीति में जब आप गलत ताकतों से टकराते हैं और उनके खिलाफ खड़े होते हैं तो साफ है कि आप मारे जाएंगे।’ उन्‍होंने कहा, ‘मेरी दादी ने मुझे बताया था कि वो मरने वाली हैं।’

दादी को मारने वालों के साथ बैडमिंटन खेला करता था : राहुल

उल्‍लेखनीय है कि अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी की उन्हीं के सुरक्षागार्डों ने हत्या कर दी थी। इस घटना के बारे में बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं जब 14 साल का था तब मेरी दादी की हत्या कर दी गई। जिन्होंने मेरी दादी की हत्या की उनके साथ मैं बैडमिंटन खेला करता था। इसके बाद मेरे पिता की हत्या कर दी गई। इन घटनाओं के कारण आप एक विशेष वातावरण में रहते हैं, जहां दिन-रात 15 लोग आपके साथ रहते हैं। मुझे नहीं लगता ये कोई विशेष सुविधा है, ऐसी परिस्थितियों में रहना आसान नहीं है।’

प्रभाकरण के परिवार पर दया आती है
पिता की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल ने कहा, ‘हमने काफी दर्द और दुख सहा। कई सालों से उस घटना को लेकर हमारे अंदर गुस्सा मौजूद है, लेकिन किसी तरह, हमनें उन लोगों (पिता के हत्यारों) को पूरी तरह माफ कर दिया है।’ गौरतलब है कि श्रीलंका के आतंकवादी समूह एलटीटीई के प्रमुख प्रभाकरण के इशारे पर राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। राहुल ने कहा, ‘जब आप यह महसूस करते हैं कि यह विचारों के टकराव के नतीजे में हुई घटनाएं थी तो आपको चीजें समझ में आती हैं। मैं जब प्रभाकरण के शव को टीवी पर देखता हूं तो मेरे अंदर दो भावनाएं आती हैं। पहली ये कि ये लोग इस व्यक्ति को इस तरह अपमानित क्यों कर रहे हैं। और फिर मुझे उसके बच्चों और परिवार पर तरस आने लगता है।’  (एजेंसी)

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