संवेदनहीनता की हद : मरीज की कटी टांग को ही बना दिया तकिया

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  • झांसी मेडिकल कॉलेज का मामला, सीनियर रेजीडेंट समेत चार सस्‍पेंड, जांच के लिए बनी कमेटी

झांसीझांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में संवेदनशीलता को तार-तार करने वाली एक शर्मसार घटना सामने आई है। आरोप है कि डॉक्टरों ने हादसे में पैर कटने के बाद मेडिकल कॉलेज आए क्लीनर के कटे पैर को ही उसके सिर के नीचे रखकर तकिया बना दिया। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मामले की जांच के लिए चार सीनियर डॉक्‍टरों की एक कमेटी बनाई गई है। समिति से दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

शनिवार को हुआ था हादसा

झांसी मेडिकल कॉलेज में संवेदनशीलता तार-तार

बताया जा रहा है कि घनश्याम (25) झांसी के एक स्कूल की बस में क्लीनर है। शनिवार को बस बच्चों को लेकर जा रही थी, तभी एक ट्रैक्टर को बचाने के दौरान बस पलट गई। इस हादसे में 6 बच्चे जख्मी हो गए, वहीं घनश्याम का पैर कट गया। उसे झांसी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज के दौरान घनश्‍याम के कटे पैर को उसके सिर के नीचे तकिया बनाकर रख दिया। अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना की तस्वीर लेकर उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। कुछ ही देर में यह मामला शासन-प्रशासन तक जा पहुंचा और हड़कंप मच गया। हालांकि कॉलेज की प्रिंसिपल साधना कौशिक का कहना है कि मरीज के साथ आए किसी व्‍यक्ति ने कटे पैर को उसके सिर के नीचे रखा था।

 डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई
प्रदेश के प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) रजनीश दुबे ने घटना को गंभीर मानते हुए दोषी लोगों पर तत्‍काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र पाल सिंह, सीनियर रेजीडेंट आर्थोपैडिक डॉ. आलोक अग्रवाल, सिस्टर इंचार्ज दीपा नारंग व नर्स शशि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। इनके अलावा एक अन्य डॉक्टर को भी चार्जशीट दी गई है।

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