2019 से पहले बीजेपी को चंद्रबाबू का झटका, आंध्र को विशेष पैकेज न मिलने से भड़के

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  • मोदी सरकार से अपने दोनों मंत्रियों को हटाने का फैसला, 2014 में गठबंधन ने जीती थीं 25 में से 17 सीटें
  • आंध्र प्रदेश सरकार में बीजेपी कोटे के दो मंत्रियों कामिनेनी और पायदिकोंडला ने अपना इस्तीफा सौंपा

हैदराबाद/नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा न देने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में टीडीपी ने मोदी सरकार से अलग होने का फैसला किया है। हालांकि पार्टी एनडीए में बनी रहेगी। ये जानकारी टीडीपी के अध्यक्ष और आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दी।उधर, आंध्र प्रदेश सरकार में बीजेपी कोटे के दो मंत्रियों ने गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। बीजेपी कोटे के मंत्रियों कामिनेनी श्रीनिवास और पायदिकोंडला मणिक्याला राव ने मुख्यमंत्री दफ्तर में जाकर अपना इस्तीफा सौंपा।

क्यों बढ़ी बीजेपी-टीडीपी में तल्खी ?
बीजेपी और टीडीपी में तल्खी की वजह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना है। बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विशेष दर्जा दिए जाने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद चंद्रबाबू नायडू ने सरकार से अपने मंत्रियों पी. अशोक गजपति राजू और वाई. सत्यनारायण चौधरी को हटाने का फैसला किया। राजू नागर विमानन मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री थे, जबकि चौधरी विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय में राज्य मंत्री का ओहदा रखते थे।

चंद्रबाबू ने क्या कहा ?
टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अपने फैसले की जानकारी उन्होंने पीएम मोदी तक पहुंचा दी है। नायडू ने कहा कि उन्होंने मोदी से बात करने की कोशिश की थी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में उन्होंने पीएम मोदी के ओएसडी को जानकारी दे दी है। हालांकि, चंद्रबाबू ने ये भी कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी एनडीए में बनी रहेगी और बीजेपी के रुख पर नजर रखेगी।

मोदी से चंद्रबाबू की नाराजगी की ये है वजह, इसलिए विशेष राज्य नहीं बना आंध्र

टीडीपी के अलग होने का क्या पड़ सकता है असर ?
टीडीपी अगर एनडीए से अलग होने का फैसला करती है, तो इसका 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बड़ा असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, इससे पहले तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां टीडीपी की नाराजगी भारी पड़ सकती है। अगर लोकसभा की बात करें, तो आंध्र प्रदेश से सदन में 25 सीटें हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए के खाते में इनमें से 17 सीटें गईं थीं।

क्या करेगी बीजेपी ?
बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में टीडीपी सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्री पद छोड़ सकते हैं। हालांकि, बीजेपी का एक धड़ा ये भी चाह रहा है कि टीडीपी का साथ छोड़कर अगली बार जगनमोहन रेड्डी के वाईएसआर कांग्रेस से गठबंधन कर लिया जाए। 2014 में जगनमोहन की पार्टी ने 8 सीटें हासिल की थीं। वैसे बीजेपी के कुछ बड़े नेता मान रहे हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी हर हाल में चंद्रबाबू को मना लेंगे।

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