मोदी से चंद्रबाबू की नाराजगी की ये है वजह, इसलिए विशेष राज्य नहीं बना आंध्र

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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न दिए जाने के बाद टीडीपी अध्यक्ष और सूबे के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने मोदी सरकार से अपने मंत्रियों को हटाने का फैसला किया। आइए जानते हैं कि आखिर राज्य को विशेष दर्जे का क्या है मतलब और चंद्रबाबू, आंध्र प्रदेश के लिए ये दर्जा क्यों चाहते थे। आप ये भी जान सकेंगे कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने में मोदी सरकार के हाथ आखिर क्यों बंध गए।

संविधान में नहीं है प्रावधान
भारत के संविधान के मुताबिक, किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, आंध्र प्रदेश जैसे नए राज्य और किसी राज्य में मुश्किल हालात हों, तो केंद्र सरकार ऐसे राज्यों को ज्यादा फंड दे सकती है। पहले योजना आयोग (अब नीति आयोग) के तहत राष्ट्रीय विकास काउंसिल (एनडीसी) ऐसी मदद का खाका खींचती रही है। उस खाके के तहत ही केंद्र सरकार खास राज्य को मदद देती थी।

14वें वित्त आयोग ने लगा दी थी रोक
केंद्र सरकार ने वित्तीय मामलों को बेहतर बनाने के लिए 14वें वित्त आयोग का गठन किया था। आयोग की रिपोर्ट को 2015 में सरकार ने मान लिया। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में किसी राज्य को विशेष का दर्जा न देने की बात कही थी। ऐसे में आंध्र प्रदेश को भी ये दर्जा नहीं दिया जा सकता।

विशेष दर्जा प्राप्त राज्य को क्या मिलती थी मदद ?
इससे पहले विशेष दर्जा प्राप्त राज्य को केंद्र की ओर से अपनी योजनाओं के लिए 90 फीसदी धन दिया जाता था, जबकि सामान्य श्रेणी के राज्यों को केंद्रीय योजनाओं के लिए 60 फीसदी धन दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा विशेष दर्जा प्राप्त राज्य को लंबी अवधि के कर्ज और पुराने कर्ज की वसूली में भी छूट दी जाती रही है। साथ ही कई हजार करोड़ के आर्थिक पैकेज की राज्यों की मांग भी समय-समय पर केंद्र मंजूर करता रहा है।

किसे मिला विशेष राज्य का दर्जा, किसकी मांग ठुकराई ?
राष्ट्रीय विकास काउंसिल (एनडीसी) ने 1969 में जम्मू-कश्मीर, असम और नगालैंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया। बाद में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा मिला। वित्तीय वर्ष 2014-15 तक 11 राज्यों को इस दर्जे के तहत केंद्र से कई तरह की मदद मिली। आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा और बिहार ने भी विशेष श्रेणी का दर्जा दिए जाने की मांग केंद्र सरकार से की थी, लेकिन इनकी मांग नहीं मानी गई।   (एजेंसी)

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