श्री श्री बोले- अयोध्या विवाद नहीं सुलझा तो सीरिया बन जाएगा भारत

47 0
  • कहा – मनमुताबिक फैसला न होने पर आ सकती है जगह-जगह फसाद और गृहयुद्ध की नौबत
  • अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं, उन्हें इस पर अपना दावा छोड़कर मिसाल पेश करनी चाहिए

नई दिल्‍ली। कोर्ट के बाहर अयोध्या विवाद को सुलझाने की कोशिशों में जुटे आर्ट ऑफ लिविंग के संस्‍थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने एक बार फिर इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अयोध्‍या विवाद नहीं सुलझा तो देश सीरिया बन जाएगा।

श्री श्री रविशंकर पहले भी अयोध्‍या विवाद को कोर्ट के बाहर ही सुलझाने की वकालत करते रहे हैं। सोमवार (5 मार्च) को उन्होंने फिर इसी बात पर जोर दिया कि अयोध्या में राममंदिर मुद्दे को कोर्ट से बाहर ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह मामला नहीं सुलझा तो देश सीरिया बन जाएगा। अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं है। उन्हें इस धार्मिक स्थल पर  अपना दावा छोड़ कर मिसाल पेश करनी चाहिए।’ श्री श्री ने कहा, ‘फैसला कोर्ट से आया तो भी कोई राजी नहीं होगा। अगर फैसला कोर्ट से होगा तो किसी एक पक्ष को हार स्वीकार करनी पड़ेगी। ऐसे हालात में हारा हुआ पक्ष अभी तो मान जाएगा, लेकिन कुछ समय बाद फिर बवाल शुरू होगा, जो समाज के लिए अच्छा नहीं होगा।’

श्री श्री यहीं नहीं रुके, उन्‍होंने कहा – ‘मंदिर या मस्जिद को लेकर जो भी फैसला आएगा, उसको लेकर न्यायालय पर एक पक्ष सवाल खड़ा करेगा। न्यायपालिका को लोग संशय की निगाह से देखेंगे। मनमुताबिक फैसला न होने पर जगह-जगह फसाद और गृहयुद्ध की नौबत भी उत्पन्न हो सकती है।’ ‘आज तक’ को दिए इंटरव्यू में श्री श्री रविशंकर से पूछा गया कि जीवन जीने की कला सिखाते-सिखाते मंदिर बनाने की कला क्यों सिखाने लगे? इस पर रविशंकर ने कहा, ‘अमन-शांति के लिए यह बहुत जरूरी है। जब तक इसको नहीं सुलझाएंगे, देश के विकास में यह मुद्दा बाधक बना रहेगा।’ उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि अयोध्या में मंदिर बने।

श्री श्री ने कहा कि मंदिर तीन प्रकार से बन सकता है। एक तो कोर्ट के फैसले से, दूसरे केंद्र सरकार की ओर से कानून बनाकर या फिर आपसी सहमति से। अगर कोर्ट मंदिर बनाने का इजाजत देता है तो मुसलमानों को भीतर से हार का अनुभव महसूस होगा, उनके भीतर का भाव ठीक नहीं होगा। उन्हें लगेगा कि हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। आज नहीं तो सौ-पचास साल बाद युवा इस फैसले के खिलाफ खड़े हो जाएंगे। फिर वो मुद्दा वहीं का वहीं रह जाएगा। अगर कोर्ट मस्जिद के पक्ष में फैसला देता है तो देश गृहयुद्ध में झुलस सकता है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग उनके प्रयास की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि वो विवाद को बढ़ाना चाहते हैं। मंदिर स्थल पर अस्पताल बनाने का सुझाव बेवकूफी भरा है, और भगवान राम को किसी दूसरे स्थान पर पैदा नहीं कराया जा सकता। श्री श्री ने मौलाना सलमान नदवी का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकरण पर किसी भी तरह से पैसे का ऑफर नहीं दिया गया है। यह वही नदवी हैं जिन्होंने कोर्ट से बाहर सुलह-समझौते का समर्थन किया था, जिनके सुझाव को मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड ने खारिज करते हुए उन्‍हें बोर्ड से बाहर कर दिया था। उधर, मौलाना नदवी ने अपना रुख बदलते हुए अब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की वकालत की है।

Related Post

ब्लड प्रेशर और तनाव से बचना है, तो दांतों को रखिए साफ और मसूड़ों को स्वस्थ

Posted by - October 23, 2018 0
रोम। इटली की ला-एकीला यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के मुताबिक ब्लड प्रेशर और तनाव का दांतों की सफाई से सीधा रिश्ता…

प्राइवेट अस्पतालों में सीजेरियन डिलीवरी की संख्या सरकारी से दोगुनी, जम्मू-कश्मीर पहले नंबर पर

Posted by - August 16, 2018 0
नई दिल्ली। सिजेरियन डिलीवरी इन दिनों आम होती जा रही है। कई बार डिलीवरी में कॉम्प्लिकेशन की वजह से भी…

बीजेपी प्रवक्ता बोले – अलाउद्दीन खिलजी व औरंगजेब जैसे हैं राहुल

Posted by - November 23, 2017 0
गुजरात विधानसभा चुनाव में धुआंधार प्रचार कर रहे राहुल गांधी पर बीजेपी के नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने बहुत ही…

मायावती ने किया संगठन में बड़ा फेरबदल, भाई आनंद को उपाध्यक्ष पद से हटाया

Posted by - May 26, 2018 0
रामअचल राजभर बने राष्‍ट्रीय महासचिव, आरएस कुशवाहा को सौंपी उत्‍तर प्रदेश बसपा की कमान वीर सिंह व जयपाल सिंह राष्‍ट्रीय…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *