त्रिपुरा में सहयोगी दल ने की आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग

38 0
  • भाजपा के समक्ष नई चुनौती, अभी तक प्रदेश अध्‍यक्ष बि‍प्लब देब का सीएम बनना माना जा रहा था तय

अगरतला। त्रिपुरा में भारी उलटफेर करने वाली भारतीय जनता पार्टी के सामने जीत के 24 घंटे बाद ही एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। असल में गठबंधन के उसके साथी दल इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) ने राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। हालांकि नतीजे आने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बि‍प्लब देब का सीएम बनना तय माना जा रहा था, लेकिन अब यह नई मांग गठबंधन के लिए अच्‍छा संकेत नहीं मानी जा रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, बिप्लब देब रविवार को अगरतला के अपने विधानसभा क्षेत्र बनमालीपुर में पत्नी और हजारों समर्थकों के साथ एक विजय जुलूस लेकर निकले थे। इसी बीच इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के अध्यक्ष एनसी देबबर्मा ने प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में आदिवासी मुख्‍यमंत्री बनाने की मांग कर दी। उनके इस बैठक के बारे में भाजपा नेताओं को कोई जानकारी नहीं थी।

देबबर्मा ने कहा, ‘चुनाव के नतीजों में बीजेपी और आईपीएफटी गठबंधन को भारी बहुमत हासिल हुआ है, लेकिन यह आदिवासी वोटों के बिना संभव नहीं हो पाता। आरक्ष‍ित एसटी विधानसभा क्षेत्रों में जीत की वजह से ही हम यह चुनाव जीत पाए हैं। आदिवासी वोटों की भावना को ध्यान में रखते हुए, यह उचित होगा कि सदन का मुखिया एसटी क्षेत्र के ही किसी विधायक को बनाया जाए। और यह जाहिर सी बात है कि जो विधानसभा का लीडर होगा, वही मुख्यमंत्री होगा।’

उधर, बिप्लब देब के बारे में पूछे जाने पर आईपीएफटी के नेता ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। किस नेता को मुख्‍यमंत्री बनाया जाए, इस सवाल पर देबबर्मा ने कहा कि इसके बारे में चर्चा के बाद ही कुछ तय किया जा सकता है। बीजेपी के त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर ने कहा कि उन्हें देबबर्मा के बयान की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने अपना विचार दिया है। हम आईपीएफटी नेताओं से मिलेंगे और इसके बाद ही इस पर कुछ विचार किया जा सकता है।’

क्या है समीकरण

त्रिपुरा में बीजेपी और आईपीएफटी गठबंधन को 59 सीटों में से 43 सीटों पर जीत मिली है। अकेले बीजेपी की झोली में 35 सीटें आईं जबकि आईपीएफटी 8 सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाब रही। इस गठबंधन ने प्रदेश की सभी सुरक्षित 20 जनजातीय विधानसभा सीटों पर विजय पाई है। त्रिपुरा में बीजेपी को 2013 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 1.5 फीसदी वोट मिले थे और 50 में 49 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी, जबकि इस विधानसभा चुनाव में भाजपा को 43 फीसदी वोट मिले हैं।

Related Post

अध्‍ययन : बृहस्‍पति के चंद्रमा ‘यूरोपा’ पर हैं बर्फ की धारियां, जीवन की तलाश हुई मुश्किल

Posted by - October 23, 2018 0
लंदन। वैज्ञानिकों ने कहा है कि बृहस्पति के चंद्रमा ‘यूरोपा’ के विषुवतीय क्षेत्रों में करीब 15 मीटर ऊंची बर्फ की…

हो जाएं अलर्ट, बर्गर और प्रोसेस्ड मीट बढ़ाता है महिलाओं में कैंसर का खतरा

Posted by - November 5, 2018 0
वाशिंगटन। बर्गर, पिज्जा, जंक फूड और प्रोसेस्‍ड मीट का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने वाली महिलाओं के लिए एक बुरी खबर है।…

प्रद्युम्न हत्याकांड में नया खुलासा, अब सामने आया एक और छात्र का नाम

Posted by - November 10, 2017 0
गुरुग्राम । प्रद्युम्न हत्याकांड में गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले एक अन्य छात्र का भी नाम सामने आया…

25 साल बाद इन दो दिग्गज एक्टर्स के साथ बड़ें पर्दें पर नजर आएंगी धक-धक गर्ल

Posted by - April 17, 2018 0
मुंबई। बॉलीवुड में करीब ढाई दशक बाद माधुरी दीक्षित इन दो एक्टर्स के साथ सिल्वर स्क्रीन पर एक बार फिर नजर…

महिला को दिखाया पति के खाते में कितनी है रकम, अब सिर पीट रहे हैं बैंक के अफसर

Posted by - December 10, 2018 0
अहमदाबाद। पति की इजाजत के बिना पत्नी को बैंक अकाउंट की जानकारी देना एक बैंक को भारी पड़ गया। गुजरात…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *