पूर्वोत्तर में लहराया भगवा, भाजपा की जीत से आसान हुई 2019 की राह

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  • त्रिपुरा में जबर्दस्त प्रदर्शन से इतिहास रचते हुए भाजपा ने वामदलों का गढ़ ध्वस्त किया
  • मेघालय में एनपीपी के नेतृत्व में भाजपा बनाएगी सरकार, कोनराड बनेंगे मुख्‍यमंत्री
  • नगालैंड में बीजेपी और एनडीपीपी गठबंधन ने पेश किया सरकार बनाने का दावा

नई दिल्‍ली। त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में शनिवार को विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद पूर्वोत्तर में भगवा का वर्चस्व कायम हो गया। भाजपा ने त्रिपुरा में 25 साल से सत्ता पर काबिज वाम दलों के लाल गढ़ को ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की है। नगालैंड में भी पार्टी सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। मेघालय में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है लेकिन यहां भी भाजपा को सरकार बनाने की उम्मीद है। बता दें कि भाजपा गठबंधन अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर में पहले से काबिज है, जबकि त्रिपुरा और नगालैंड के नतीजों ने इन राज्यों में उसके सत्तारूढ़ होने का रास्ता साफ कर दिया है। पूर्वोत्‍तर में भाजपा को मिली इस जीत से 2019 की उसकी राह आसान होने की उम्‍मीदें बढ़ गई हैं।

त्रिपुरा में स्पष्ट बहुमत, भाजपा गठबंधन को 60 में से 43 सीटें

त्रिपुरा में पिछले विधानसभा चुनाव तक खाता भी नहीं खोल पाई भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपने जबर्दस्त प्रदर्शन से नया इतिहास रचते हुए वामदलों के गढ़ को ध्वस्त कर दिया है। त्रिपुरा में मतगणना के बाद भाजपा ने वहां स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जिससे प्रदेश में 25 साल से काबिज वाम मोर्चे का सत्ता से बाहर जाना तय हो गया है। भाजपा गठबंधन ने 60  में से 43 सीटें हासिल की हैं। इनमें 35 सीटें अकेले भाजपा की हैं, जबकि पिछले चुनाव में सहयोगियों समेत 50 सीट जीतने वाले वाम मोर्चा को सिर्फ 16 सीटों पर जीत से संतोष करना पड़ा है। त्रिपुरा में सबसे बड़ा नुकसान कांग्रेस को हुआ है। इस बार वह एक भी सीट नहीं जीत सकी जबकि पिछले चुनाव में उसे 10 सीटें मिली थीं।

नगालैंड में भी बीजेपी-एनडीपीपी की सरकार बनाने की कवायद

नगालैंड में नेशलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने रविवार को सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया। 60 सदस्यीय विधानसभा में एनडीपीपी नेता नेफ्यू रियो ने अपने पास 32 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। नगालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य ने उनके दावे को स्वीकार करते हुए कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रहे नेफ्यू रियो के पास बहुमत है और उन्हें सरकार बनानी चाहिए। चुनाव पूर्व गठबंधन करनेवाली एनडीपीपी को 17 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी को 12 सीटें हासिल हुई हैं। उनकी तरफ से पहले ही यह विश्वास जाहिर किया गया था कि वे राज्य में सरकार बना लेंगे। मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग के नेतृत्व में एनपीएफ पहले ही प्रस्ताव पारित कर भाजपा के साथ गठबंधन में रहने की इच्छा जता चुका है।

मेघालय में एनपीपी और भाजपा गठबंधन की बनेगी सरकार

मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा के अंदेशे के बीच अब सरकार बनने की स्थिति साफ हो गई है। राज्य में 6 सीटें जीतने वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने 19 सीटें जीतने वाली नेशनल पीपल पार्टी (एनपीपी) को समर्थन दिया है। 4 सीटें पाने वाली पीडीएफ और 2-2 सीटें जीतने वाली बीजेपी और एचएसपीडीपी और एक निर्दलीय विधायक भी एनपीपी को समर्थन दे रहे हैं। एनपीपी के नेता कोनराड संगमा ने रविवार शाम को राज्यपाल को इन सभी पार्टियों के विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी। कोनराड संगमा ने राज्यपाल से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा कि आने वाले 2-3 दिन काफी अहम रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सात मार्च को विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है और इससे पहले काफी अहम चीजों पर फैसला होना है। उन्होंने कहा कि सोमवार तक सभी चीजें साफ हो जाएंगी।   (एजेंसी)

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