कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का निधन

41 0
  • राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

चेन्‍नई। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती का बुधवार (28 फरवरी) सुबह निधन हो गया। शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती 82 साल के थे। उन्‍हें सांस लेने में दिक्कत के बाद कांचीपुरम के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसी साल जनवरी में भी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

जयेंद्र सरस्वती को साल 1994 में कांची मठ का प्रमुख बनाया गया था। 18 जुलाई, 1935 को जन्मे जयेन्द्र सरस्वती कांची मठ के 69वें शंकराचार्य थे। उनका वास्तवकि नाम सुब्रमण्यन महादेव अय्यर था। 68वें शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती ने सुब्रमण्यन महादेव को 22 मार्च, 1954 को कांची मठ के पीठाधिपति के पद पर आसीन किया। उन्होंने ही इन्हें जयेंद्र सरस्वती का नाम भी दिया।

जयेंद्र सरस्वती को वेदों का ज्ञाता माना जाता था। भारत के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी भी इनके प्रशंसकों में हैं। जयेंद्र सरस्वती ने अयोध्या विवाद के हल के लिए भी पहल की थी। इसके लिए अटलजी ने उनकी काफी प्रशंसा की। हालांकि तब जयेंद्र सरस्वती को आलोचना का भी शिकार होना पड़ा। बता दें कि कांची मठ द्वारा कई सारे स्कूल, आंखों के अस्पताल चलाए जाते हैं। देशभर में फेमस शंकर नेत्रालय मठ की तरफ से ही चलाया जाता है।

राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के निधन गहरा शोक व्यक्त किया है। राष्‍ट्रपति ने कहा, ‘शंकराचार्य के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। देश ने एक धर्मगुरु और प्रतिष्ठित समाज सुधारक खो दिया है। उनके अनगिनत शिष्यों और अनुयायियों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’ उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, ‘समाज कल्याण और अध्यात्म को आगे बढ़ाने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘श्री कांची कामकोटि पीठम के शंकराचार्य जगदगुरू पूज्यश्री जयेंद्र सरस्वती के निधन से सदमा लगा। वह अपने विचारों और अमूल्य सेवाओं की बदौलत लाखों श्रद्धालुओं के मन-मस्तिष्क में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना है।’ एक अन्‍य ट्वीट में मोदी ने लिखा, ‘जगद्गुरु पूज्यश्री जयेंद्र सरस्वती समाज को सशक्त बनाने के लिए सबसे आगे रहे। उन्होंने ऐसी संस्था को पालकर बड़ा किया, जिसने गरीबों और निचले तबके की जिंदगी बदलने का काम किया।’  (एजेंसी)

Related Post

मायावती ने किया संगठन में बड़ा फेरबदल, भाई आनंद को उपाध्यक्ष पद से हटाया

Posted by - May 26, 2018 0
रामअचल राजभर बने राष्‍ट्रीय महासचिव, आरएस कुशवाहा को सौंपी उत्‍तर प्रदेश बसपा की कमान वीर सिंह व जयपाल सिंह राष्‍ट्रीय…

गणतंत्र दिवस : राजपथ पर दिखी भारत की सैन्य ताकत व सांस्कृतिक विरासत

Posted by - January 26, 2018 0
परेड में पहली बार बीएसएफ की महिला जवानों ने मोटर साइकिल पर दिखाए हैरतअंगेज करतब राष्ट्रपति ने वायुसेना के शहीद…

डब्बू अंकल को जबरदस्त टक्कर दे रहा है ये शख्स,सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल

Posted by - June 25, 2018 0
मुंबई। डब्बू अंकल का गोविंदा के गाने ‘आपके आ जाने से‘  पर किया गया डांस का वीडियो इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल…

यूपी में बाबासाहेब का कायाकल्प, नीला रंग छोड़ भगवा में दिखे !

Posted by - April 9, 2018 0
बदायूं। कहते हैं जैसा देस, वैसा भेस। संविधान के निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति के साथ भी यूपी में यही हुआ है।…

दाऊद का गुर्गा सट्टेबाज अमृत उर्फ नागराज नेपाल में गिरफ्तार

Posted by - June 27, 2018 0
भारत का मोस्टवांटेड अपराधी है नागराज, सट्टेबाजी का है मास्टरमाइंड रूस में चल रहे फीफा विश्वकप फुटबाल में भी कर…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *