बोले पीएम मोदी – महिलाओं की बराबर भागीदारी सुनिश्चित करना कर्तव्य

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  • मन की बात में कहा – गोबर और कचरे को वेस्‍ट नहीं, आय के स्रोत के रूप में देखें किसान

दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में स्वच्छता पर जोर दिया तथा विकास एवं महान वैज्ञानिकों का जिक्र करते हुए कहा कि सामाजिक, आर्थिक जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित करना हम सबका कर्तव्य, जिम्मेवारी और न्यू इंडिया का सपना है। प्रधानमंत्री ने देश के महान वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्‍कार विजेता सर सीवी रमन को याद करते हुए लोगों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई दी। उन्होंने सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 100 वर्ष पूरा करने वाली महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं भी दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस देश ने विज्ञान के क्षेत्र में कई महान वैज्ञानिकों को जन्म दिया है। एक तरफ महान गणितज्ञ बौधायन, भास्कर, ब्रह्मगुप्त और आर्यभट्ट की परंपरा रही है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा के क्षेत्र में चरक और सुश्रुत हमारे गौरव हैं। सर जगदीश चंद्र बोस और हरगोविंद खुराना से लेकर सत्येंद्र नाथ बोस जैसे वैज्ञानिक भारत के गौरव हैं।’ उन्होंने कहा – ‘क्या कभी हमने सोचा है कि नदी हो या समुद्र हो, इसमें पानी रंगीन क्यों हो जाता है? यही प्रश्न 1920 के दशक में एक युवक के मन में आया था। इसी प्रश्न ने आधुनिक भारत के एक महान वैज्ञानिक को जन्म दिया।

स्‍वच्‍छता अभियान के लिए झारखंड की महिलाओं की तारीफ

स्वच्छता पर लोगों की ओर से उठाए जा रहे कदमों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने झारखंड की उन 15 लाख महिलाओं का जिक्र किया जिन्होंने एक महीने तक स्वच्छता अभियान चलाया। गोबरधन योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मवेशियों के गोबर से बायो गैस और जैविक खाद बनाई जाएगी। उन्होंने लोगों से कचरे और गोबर को आय का स्रोत बनाने की अपील की। मोदी ने कहा, गोबर धन के तहत ग्रामीण भारत में किसानों, बहनों, भाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे गोबर और कचरे को सिर्फ कचरे के रूप में नहीं, बल्कि आय के स्रोत के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि गोबर धन योजना की सुचारु व्यवस्था के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भी बनाया जाएगा, जो किसानों को खरीदारों से जोड़ेगा। मोदी ने कहा, ‘मैं आपको आमंत्रित करता हूं कि ‘क्लीन एनर्जी एवं ग्रीन जॉब्स’ के इस आंदोलन के भागीदार बनें।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र

मानव कल्याण में मशीनों के इस्तेमाल की जरूरत को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से रोबोट्स, बोट्स और विशिष्‍ट कार्य करने वाली मशीनें बनाने में मदद मिलती है। आजकल मशीनें स्व शिक्षा से बुद्धिमता को और बेहतर बनाती जाती हैं। ऐसे में विज्ञान और मशीनों का विकास मानव कल्याण में होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा, नारी शक्ति ने खुद को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने खुद के साथ ही देश और समाज को भी आगे बढ़ाने और एक नए मुकाम पर ले जाने का काम किया है। आखिर हमारे ‘न्यू इंडिया’ का सपना यही तो है। हम उस परंपरा का हिस्सा हैं, जहां पुरुषों की पहचान नारियों से होती थी। यशोदा-नंदन, कौशल्या-नंदन, गांधारी-पुत्र… यही पहचान होती थी किसी बेटे की।   (एजेंसी)

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