जूही ने 5जी मोबाइल तकनीक पर जताई चिंता, फडणवीस को लिखा पत्र

59 0
  • अभिनेत्री ने कहा – मानव स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभावों को पूरी तरह अनदेखा कर रही है सरकार

मुंबई अभिनेत्री जूही चावला ने मोबाइल फोन की 5जी तकनीक को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि लोगों की सेहत पर रेडियोफ्रीक्वेंसी के संभावित हानिकारक प्रभावों का विश्लेषण किए बगैर इसे लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने बाकायदा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है और मोबाइल टॉवर एंटीना तथा वाईफाई हॉटस्पॉट से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (ईएमएफ) के कारण सेहत को पहुंचने वाले नुकसान के प्रति चेताया है।

बता दें कि जूही रेडिएशन के प्रति जागरूकता लाने का काम करती हैं। वह पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए सिटीजन्स फॉर टूमारो परियोजना चलाती हैं। केंद्र डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को पाने के लिए 5जी लागू करने जा रहा है, इस बीच जूही ने पूछा है कि इस नई तकनीक पर क्या पर्याप्त शोध किया गया है? पत्र में 50 वर्षीय अभिनेत्री ने लिखा है, ‘राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई वैज्ञानिकों, महामारी विशेषज्ञों और प्रौद्योगिकी के प्राध्यापकों ने मानव सेहत पर रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन के हानिकारक प्रभावों का उल्लेख किया है।’

उन्होंने कहा कि केंद्र ने डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को पाने के लिए 5जी तकनीक लागू करने पर ‘बिना सोचे-विचारे’ काम करना शुरू कर दिया है।  सरकार बेहतर स्पीड और नेटवर्क के लिए 5जी मोबाइल प्रौद्योगिकी लागू कर रही है लेकिन मानव स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभावों को पूरी तरह अनदेखा कर रही है।’ जूही ने कहा, ‘कई अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक 5जी लागू करने के खिलाफ हैं। कई शोध सेहत पर इसके (रेडिएशन) हानिकारक प्रभाव बताते हैं। यह चिंता का विषय है।’ उन्होंने पूछा, ‘क्या इस प्रौद्योगिकी पर शोध हुआ है? अगर हुआ है तो कब और कहां हुआ, कितना लंबा चला? इसके लिए पैसा कहां से आया? शोध हुआ तो क्या उसका प्रकाशन होगा?’

अभिनेत्री ने यह दावा भी किया कि टेलीकम्युनिकेशन विभाग के दिशा-निर्देशों की उपेक्षा करके इमारतों पर मोबाइल टॉवर एंटीना लगाए जा रहे हैं। हालांकि शहर के पर्यावरणविद देबी गोयनका ने कहा कि उद्योग ने सेलफोन रेडिएशन के प्रभावों का गहन शोध करवाया है। सभी शोधों में पता चला कि मानव स्वास्थ्य पर रेडिएशन का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। कंजर्वेशन एक्शन ट्रस्ट के एग्जिक्यूटिव ट्रस्टी गोयनका ने कहा, ‘ऐसे कई मामले हैं जब रेडिएशन के संपर्क में लोगों को सेहत संबंधी समस्याएं आईं। ऐसी स्थिति में सबसे बेहतर है एहतियात बरतना। मैं जब भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता हूं तो हेडफोन से काम लेता हूं। मेरी सलाह है कि आप सब भी ऐसा ही करें।’  (एजेंसी)

Related Post

सैलरी बढ़ने से आती है भारतीयों को अच्‍छी नींद, इन शहरों में किया गया सर्वे

Posted by - October 10, 2018 0
नई दिल्ली। हाल ही में एक सर्वे में ये बात सामने आई है कि भारतीय कार्मचारियों की सैलरी जैसे-जैसे बढ़ती…

OMG : इस देश में बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक के तय हुए ड्रेस कोड !

Posted by - March 24, 2018 0
लंदन। ताजिकिस्तान सरकार के एक फैसले की दुनियाभर में कड़ी आलोचना हो रही है। मामला है ड्रेस कोड का। ताजिकिस्तान…

शोधकर्ताओं ने बनाया ईको-फ्रेंडली डायपर, जो पूरी तरह किया जा सकेगा नष्ट

Posted by - August 2, 2018 0
मद्रास आईआईटी के रसायन विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं ने विकसित किया सुपर एब्जोर्बेंट पॉलिमर नई दिल्‍ली। आजकल शहरी क्षेत्रों में…

तत्काल टिकट घोटाले में सीबीआई का असिस्टेंट प्रोग्रामर गिरफ्तार

Posted by - December 27, 2017 0
अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए रेलवे की वेबसाइट हैक कर तत्काल टिकट बुकिंग में करता था धांधली   नई दिल्ली। सीबीआई…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *