पीएनबी महाघोटाला : जेटली ने बैंक रेग्युयलेटरी को आड़े हाथ लिया

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  • बोले – धोखाधड़ी की पहचान और इन्हें रोकने के लिए अपनी तीसरी आंख खोलें बैंक रेग्युलेटरी
  • वित्‍त मंत्री ने कहा – जरूरत पड़ी तो दोषियों को सजा देने के लिए नियमों को और सख्‍त बनाएंगे
  • जेटली ने कहा – घोटालेबाजों के साथ बैंक के कर्मचारियों की साठगांठ परेशान करने वाली बात

नई दिल्लीहीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा 11,400 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले का खुलासा होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंक रेग्युलेटरी की आलोचना की है। वित्त मंत्री ने सात साल से हो रहे 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले को नहीं पकड़ पाने पर रेग्युलेटरी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘रेग्युलेटरी देश के नेताओं की तरह जवाबदेह नहीं हैं। रेग्युलेटरी को धोखाधड़ी की पहचान एवं इन्हें रोकने के लिए तीसरी आंख खुली रखनी चाहिए।’

एक सप्ताह में पीएनबी घोटाले पर दूसरी बार बोलते हुए जेटली ने कहा कि घोटालेबाजों के साथ कर्मचारियों की साठगांठ परेशान करने वाली बात है। किसी ने इस पर आपत्ति नहीं की, यह भी परेशान करने वाली बात है। वित्त मंत्री ने शनिवार को चौथे ग्‍लोबल समिट में कहा कि उद्यमियों को नैतिक कारोबार की आदत डालने की जरूरत है क्योंकि इस तरह के घोटाले अर्थव्यवस्था पर धब्बा हैं और ये सुधारों एवं कारोबार सुगमता को पीछे धकेल देते हैं। उन्होंने कहा कि कर्जदाता-कर्जदार के संबंधों में व्यक्तिगत व्यवहार खत्म होना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘यदि जरूरत पड़ी तो संलिप्त व्यक्तियों को सजा देने के लिए नियमों को सख्त किया जाएगा।’

बैंक प्रबंधन की भी आलोचना की
वित्तमंत्री ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पाने को लेकर बैंक प्रबंधन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बैंक में क्या चल रहा है, इससे शीर्ष प्रबंधन की अनभिज्ञता और अपर्याप्त निगरानी चिंताजनक है। इससे पहले अरुण जेटली ने हाल ही में कहा था कि बैंकिंग प्रणाली के साथ धोखाधड़ी करने वाले धोखेबाजों को सरकार पकड़कर रहेगी। साथ ही उन्होंने बैंकों के प्रबंधन तंत्र को भी इस बात के लिए कठघरे में खड़ा किया कि वह अपने अंदर के गड़बड़ी करने वालों को रोकने में नाकाम रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी सवाल किया था कि क्यों बैंक के आंतरिक और बाहरी ऑडीटर इस धोखाधड़ी को पकड़ने में विफल रहे जो सात साल से चल रहा था? जेटली ने कहा, ‘सरकार के रूप में हमारा यह दायित्व बनता है कि हम अपनी पूरी कानूनी क्षमता के साथ उन लोगों (धोखेबाजों) को पकड़ कर ही दम लें और उन्हें संभावित अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाएं, ताकि यह सुनिश्चित हो कि देश के साथ कोई धोखा नहीं कर सकता है।’  (एजेंसी)

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