गोरखपुर संसदीय उपचुनाव : इस बार निषाद प्रत्याशी पर दांव लगाएगी सपा

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  • निषाद दल से बात बनी तो डॉ. संजय निषाद के पुत्र संतोष होंगे समाजवादी पार्टी के प्रत्‍याशी

गोरखपुर। गोरखपुर का संसदीय उपचुनाव जीतने के लिए समाजवादी पार्टी फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री की छोड़ी गई सीट को जीतकर वह बड़ा राजनीतिक संदेश देने की जुगत में है। सपा इस बार गोरखपुर संसदीय उपचुनाव में किसी निषाद नेता पर दांव लगाने जा रही है। अगर सबकुछ सही रहा तो 18 फरवरी तक समाजवादी पार्टी अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर देगी।

पार्टी सूत्रों की अगर मानें तो अभी कुछ दिनों पहले तक पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद को इशारा कर दिया गया था लेकिन कुछ हफ्तों से विपक्षी एका के नाम पर बन रहे नए राजनीतिक समीकरण में एक और नाम इसमें जुड़ गया है। वह है निषाद दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के सुपुत्र संतोष निषाद का। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, रामभुआल निषाद पार्टी की पहली पसंद हैं, लेकिन नए समीकरण में डॉ. संजय निषाद के पुत्र संतोष निषाद को भी पार्टी अपना प्रत्याशी बना सकती है।

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि गोरखपुर संसदीय क्षेत्र निषाद बहुल क्षेत्र है। निषाद दल ने बीते कुछ सालों में जातीय एकता के लिए काफी काम किया है। बीते विधानसभा चुनाव में इस पार्टी का प्रभाव भी दिखा। विपक्ष को चुनाव जीतने के लिए पिछड़े वर्ग के अलावा इस समुदाय का वोट मिलना बेहद जरूरी है। विपक्ष की रणनीति यह है कि किसी भी सूरत में निषाद वोटों का बंटवारा न हो। ऐसे में डॉ. संजय निषाद को सपा अपने पाले में करने की कोशिश में है।

सूत्रों की मानें तो इसके लिए कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, जो काफी सकारात्मक रही। विपक्षी रणनीतिकार यह मानते हैं कि सपा के पास  यादव व मुस्लिम समुदाय का वोट बैंक है ही, अगर निषाद समुदाय का वोट भी एकमुश्त मिल जाए तो उपचुनाव में परिणाम पक्ष में किया  जा सकता है।

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