घूस लेने के आरोप में जीएसटी कमिश्नर समेत 9 सीबीआई की गिरफ्त में

14 0
  • विभागीय कार्रवाई को रोकने के लिए इन अधिकारियों ने कंपनियों से ली थी रिश्वत
  • सीबीआई ने आईपीसी की धारा 120(बी) पीसी अधिनियम की धाराओं में दर्ज की एफआईआर

कानपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने शनिवार को कानपुर से जीएसटी कमिश्नर समेत 9 लोगों को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में जीएसटी कमिश्नर के अलावा कानपुर के 3 जीएसटी अधीक्षक और 5 अन्य लोग शामिल हैं। संसार चंद नाम के ये जीएसटी कमिश्नर 1986 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं।

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से जुड़ा अभी तक का यह अलग मामला है, जिसमें किसी उच्च अधिकारी की गिरफ्तारी की गई है। सीबीआई के मुताबिक, इन जीएसटी अधिकारियों ने विभागीय कार्रवाई को रोकने के लिए कंपनियों से रिश्वत ली थी। रिश्वत का पैसा हवाला के जरिए व्यवस्थित रूप से मासिक या त्रैमासिक किश्त की तरह अधिकारियों को दिया गया था।

एफआईआर के मुताबिक, 1986 बैच के एक आईआरएस अधिकारी संसार चंद वर्तमान में जीएसटी के आयुक्त हैं। आरोप है कि वह केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, कानपुर में अपने अधिकार क्षेत्र से संबंधित मामलों में अवैध रूप से उगाही करने वाले एक व्यवस्थित और संगठित गिरोह का नेतृत्व कर रहे थे। एफआईआर के मुताबिक, संसार चंद अपने सुपरिटेंडेंट अजय श्रीवास्तव, अमान शाह और आरएस चंदेल से समय-समय पर कई लोगों से आने वाले अवैध धन के बारे में अपडेट लिया करते थे।

जांच एजेंसी ने तीन कंपनियों शिशु सॉप एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, सर पान मसाला और मैसर्स रिमझिम इस्पात लिमिटेड की पहचान की है, जिनसे जीएसटी अधिकारियों ने विभाग से जुड़े मामलों में अवैध वसूली की। सीबीआई ने इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी) और पीसी अधिनियम की धारा 7,11,12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई की टीमों ने कानपुर में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है।

Read More : https://aajtak.intoday.in/crime/story/kanpur-gst-commissioner-and-8-others-arrested-by-cbi-in-bribery-case-1-981849.html

Related Post

शत्रुघ्न सिन्हा के बंगले के अवैध हिस्से पर बीएमसी ने चलाया बुलडोजर

Posted by - January 9, 2018 0
छत पर अवैध ढंग से बने एक टॉयलेट और एक ऑफिस को बीएमसी ने ढहाया मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *