राजस्थान उपचुनाव में भाजपा को तगड़ा झटका, तीनों सीटें कांग्रेस की झोली में

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  • अलवर और अजमेर लोकसभा सीट के साथ मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर हुए थे उपचुनाव
  • पश्चिम बंगाल में लोकसभा व विधानसभा की एक-एक सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने मारी बाजी

नई दिल्‍ली। राजस्थान में तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। अलवर और अजमेर लोकसभा सीट के साथ ही मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्‍जा हो गया है। उपचुनाव में कांग्रेस के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर पूर्व मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी की देश में उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बेरोजगारी, महंगाई से लोग नाराज हैं और अब लोगों ने सरकार को हटाने का संकल्प कर लिया है।

अलवर लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार करण सिंह यादव ने बीजेपी के डॉ. जसवंत यादव को 1 लाख 96 हजार 496 मतों से, अजमेर में कांग्रेस के रघु शर्मा ने बीजेपी प्रत्याशी रामस्वरूप लांबा को 84 हजार 162 मतों से और मांडलगढ़ विधानसभा सीट कांग्रेस उम्मीदवार विवेक धाकड़ ने 12 हजार 976 मतों से जीत हासिल की है। हालांकि लोकसभा उपचुनाव के विजयी प्रत्याशियों की औपचारिक घोषणा होनी अभी बाकी है।

भाजपा की करारी हार पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि हम राजस्थान के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन अब हमें और कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा है कि हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं और हार के कारणों पर मंथन करेंगे। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद प्रो. सांवर लाल जाट के निधन के बाद अजमेर, बीजेपी सांसद चांद नाथ योगी के निधन के बाद अलवर और बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी के निधन के बाद मांडलगढ़ सीट खाली हुई थी। लोकसभा और विधानसभा की तीनों सीटों पर 29 जनवरी को मतदान हुआ था।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल का परचम
पश्चिम बंगाल की उलुबेड़िया लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में तृणमूल प्रत्याशी सजदा अहमद ने 4 लाख 70 हजार वोटों से बंपर जीत हासिल की। उन्‍होंने भाजपा के अनुपम मल्लिक को हराया। वहीं नोयापाड़ा विधानसभा सीट उपचुनाव में तृणमूल प्रत्याशी सुनील सिंह ने 1,11,729 वोटों के साथ चुनाव जीता। उन्होंने बीजेपी के संदीप बनर्जी को हराया। भाजपा के लिए राहत की बात यही है कि दोनों सीटों पर वह दूसरे स्‍थान पर रही। पश्चिम बंगाल की उलुबेड़िया लोकसभा सीट टीएमसी के सांसद सुल्तान अहमद के निधन के बाद खाली हुई थी। वहीं नोयापाड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक मधुसूदन घोष के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। सभी सीटों पर 29 जनवरी को उपचुनाव हुए थे। (एजेंसी)

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