डिजिटल कहानी संग्रह में लखनऊ के निशान्त और रोली अभिलाषा भी

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  • ‘पंखुड़ियाँ : 24 लेखक और 24 कहानियाँ’ सभी ई-बुक स्टोर्स पर हुई रिलीज
  • बहुत कुछ बयां करती हैं संग्रह में शामिल देशभर के 24 लेखकों की कहानियां

मेरठ। अब तक आपने कई लेखकों के कहानी संग्रह के प्रकाशन के बारे में तो सुना होगा और पढ़ा भी होगा, लेकिन प्राची पब्लिकेशन द्वारा डिजिटल कहानी संग्रह ‘पंखुड़ियाँ : 24 लेखक और 24 कहांनियाँ’ (कहानी संग्रह) राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ई-बुक स्टोर्स पर 24 जनवरी को रिलीज हो गई है। इनमें Google Play, Kobo, Kindle, iBooks, Smashwords, Scibd, Playster, Readwhere जैसे प्रमुख ई-बुकस्टोर्स हैं। यह संग्रह अपने आप में विशेष है क्योंकि कई लेखकों को डिजिटल प्रकाशन के लिए एक मंच पर लाने में काफी समय लगा है।

इसके लिए जुलाई, 2017 में लेखकों से रचनाएं आमंत्रित की गई थीं और यह प्रक्रिया अक्टूबर, 2017 में समाप्त हुई। आमंत्रित रचनाओं में से सिर्फ 24 रचनाओं का ही चयन किया जाना था। बता दें कि इस संग्रह में दो लेखक लखनऊ के हैं, जिनके नाम हैं निशांत और रोली अभिलाषा। बाकी लेखक देश के अन्य राज्यों से हैं। इस संग्रह में शामिल सभी लेखक अलग-अलग व्‍यवसाय से जुड़े हैं। इनमें शिक्षक, इंजीनियर, वकील, विद्यार्थी, उपन्यासकार, पत्रकार, गृहिणी, डॉक्टर और व्यवसायी आदि हैं।

पंखुड़ियाँ कहानी संग्रह में लेखकों ने समाज की विभिन्न घटनाओं को सरल और पाठकों को समझ में आ सकने वाली भाषा में लिखा है। इस संग्रह के लिए लेखकों को विशेष चयन प्रक्रिया द्वारा चयनित किया गया था, जिसमें उनकी रचनाओं को हमारी संपादकीय टीम की कसौटी पर खरा उतरना था। इन 24 लेखकों में प्रमिला वर्मा (जबलपुर, मध्य प्रदेश), इंजी. आशा शर्मा (बीकानेर, राजस्थान), पम्मी सिंह (नई दिल्ली), पल्लवी सक्सेना (पुणे, महाराष्ट्र), नीतू सिंह (नई दिल्ली), विकेश निझावन (अम्बाला, हरियाणा), रविन्द्र सिंह यादव (नई दिल्ली), डॉ. फखरे आलम खान (मेरठ, उत्तर प्रदेश), सुधा सिंह (नवी मुम्बई, महाराष्ट्र), ऋतु असूजा (ऋषिकेष, उत्तराखंड), आशुतोष तिवारी (फतेहपुर, उत्तर प्रदेश), रोनी ईनोफाइल (नई दिल्ली), श्वेता सिन्हा (जमशेदपुर, झारखंड), रोली अभिलाषा (लखनऊ, उत्तर प्रदेश), अपर्णा बाजपेई (जमशेदपुर, झारखंड), निशान्त (लखनऊ, उत्तर प्रदेश), शालिनी गुप्ता (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), अनु लागुरी (झारखंड), देव कुमार (हाथरस, उत्तर प्रदेश), धर्मेन्द्र राजमंगल (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश), सुधा देवरानी (देहरादून, उत्तराखंड), अमित जैन ‘मौलिक’ (जबलपुर, मध्य प्रदेश), आशीष कमल श्रीवास्तव (विजयवाड़ा, आन्ध्र प्रदेश), आबिद रिज़वी (मेरठ, उत्तर प्रदेश) हैं।

संग्रह में सभी कहानियाँ अपने आप में बहुत कुछ बयां करती हैं। संग्रह में प्रकाशित कहानियों में 24 लेखकों ने 24 विषयों को लेकर अपना दृष्टिकोण प्रस्‍तुत किया है। निश्चित ही पाठकों को सभी कहानियां बेहद पसंद आएंगी। कहा जाए तो संग्रह की सभी कहानियां पाठकों को रोमांच, रहस्य और कल्पना की नई दुनिया में ले जाएंगी,  क्योंकि इन कहानियों में लेखकों ने अपने अनुभव को पूरी तरह से उड़ेल दिया है। अब बाकी तो पाठक ही इस संग्रह के बारे में अपने विचार प्रकट कर सकते हैं। प्राची डिजिटल पब्लिकेशन के प्रबंधक व पार्टनर राजेन्द्र सिंह ने सभी लेखकों को शुभकामनाएं दीं।

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