पीएम मोदी बोले – बदलाव लाने वालों को पद्म सम्मान

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  • ‘मन की बात’ में कहा – हर क्षेत्र में हमारी नारी-शक्तियों ने असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इस साल पहली बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्‍होंने महिलाओं के मुद्दे से की। पीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में हमारी नारी-शक्तियों ने समाज की रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं, एक कीर्तिमान स्थापित किया है।

कल्‍पना चावला को याद किया

प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात करते हैं लेकिन सदियों पहले हमारे शास्त्रों में, स्कन्द-पुराण में कहा गया है कि एक बेटी 10 बेटों के बराबर होती है। पीएम ने इस मौके पर कल्पना चावला को याद करते हुए कहा, ‘यह दुख की बात है कि हमने कल्पना चावला जी को इतनी कम उम्र में खो दिया, लेकिन उन्होंने अपने जीवन से पूरे विश्व में, खासकर भारत की हजारों लड़कियों को, यह संदेश दिया कि नारी-शक्ति के लिए कोई सीमा नहीं है। कल्पना चावला ने पूरी दुनिया की महिलाओं को प्रेरित किया है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में हमारी नारी-शक्तियों ने समाज की रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं, एक कीर्तिमान स्थापित किया। मुंबई का माटुंगा स्टेशन भारत का ऐसा पहला स्टेशन है जहां सभी कर्मचारी महिलाएं हैं। पीएम ने बताया कि तीन बहादुर महिलाएं भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी फाइटर पायलट बनी हैं और सुखोई विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं।

देशभर में तीन हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देशभर में तीन हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। जनऔषधि योजना के पीछे उद्देश्य है – स्वास्थ्य सुविधाओं को वहन करने के योग्य बनाना। जन-औषधि केन्द्रों पर मिलने वाली दवाएं बाज़ार में बिकने वाली दवाइयों से लगभग 50-90% तक सस्ती हैं। सस्ती दवाइयां अस्पतालों के ‘अमृत स्टोर’ पर भी उपलब्ध हैं। पीएम ने कहा कि इससे व्यक्तिगत एंटरप्रोन्यरशिप के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

अब आम नागरिकों को पद्म सम्‍मान

पद्म अवार्ड को लेकर भी पीएम मोदी ने जानकारी साझा की। आपको जानकर गर्व होगा कि अब आम आदमियों को पद्मश्री पुरस्कार दिए जाने लगे हैं। हमने बीते 3 सालों में इन पुरस्कारों को देने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। आपने देखा होगा कि जो लोग किसी टीवी चैनल, अखबार में दिखाई नहीं देते हैं या बहुत चर्चित नहीं, उनको इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने ऐसे लोगों को सम्मानित किया है, जो बड़े शहरों से नहीं आते लेकिन उन्होंने समाज में बदलाव लाने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने बताया, ‘पश्चिम बंगाल की 75 वर्षीय सुभाषिनी मिस्त्री को भी पुरस्कार के लिए चुना गया। सुभाषिनी मिस्त्री एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने अस्पताल बनाने के लिए दूसरों के घरों में बर्तन साफ किए और सब्जी बेची।’

बापू को किया याद

पीएम मोदी ने कहा, ‘30 जनवरी को पूज्य बापू की पुण्य-तिथि है, जिन्होंने हम सभी को एक नया रास्ता दिखाया है। उस दिन हम शहीद दिवस मनाते हैं। अगर हम संकल्प करें कि बापू के रास्ते पर चलें – जितना चल सकें, चलें – तो उससे बड़ी श्रद्धांजलि क्या हो सकती है?’

 

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