यशवंत सिन्हा बोले – आप विधायकों को अयोग्य घोषित करना तुगलकशाही

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  • सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने भी फैसले पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने का मामला गरमाता जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने भी फैसले पर सवाल उठाए हैं।

जस्टिस काटजू ने ट्वीट किया है कि आजादी के बाद से अब तक 9500 से अधिक संसदीय सचिव रहे। चुनाव आयोग ने इनमें से 455 को नोटिस जारी किए, वहीं हाईकोर्ट ने ऐसी 100 से ज्यादा नियुक्तियों को खारिज कर दिया। जस्टिस काटजू के मुताबिक, यह पहली बार है कि विधायकों को अयोग्य ठहराया गया हो। ट्वीट के अंत में उन्होंने इस फैसले को ‘विशुद्ध बदला’ करार दिया है। आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव आयोग के इस फैसले से खफा बड़ी संख्या में लोग काटजू के ट्वीट को रीट्वीट कर रहे हैं।

इसी तरह, वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने भी फैसले पर सवाल उठाए हैं। सिन्हा ने ट्वीट किया है – ‘आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने का राष्ट्रपति का फैसला न्यायिक नहीं है। कोई सुनवाई नहीं हुई, हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार भी नहीं किया गया। यह सबसे बड़ी तुगलकशाही है।’ यह पहला मौका नहीं है जब सिन्‍हा ने पार्टी लाइन के विपरीत जाकर बयान दिया है। इससे पहले भी वे जीएसटी और नोटबंदी के खिलाफ जमकर हमला बोल चुके हैं।

वहीं अब आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ के 11 संसदीय सचिवों का मामला भी जोरशोर से उठाना शुरू कर दिया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि दिल्ली में चुनाव आयोग और राष्ट्रपति ने जितनी तत्परता दिखाई, उतनी छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं दिखाई जा रही? यह घटनाक्रम भाजपा की केंद्र सरकार के दोहरे लोकतांत्रिक मापदंड का जीता-जागता उदाहरण है। साथ ही अब आम आदमी पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। खबर है कि आम आदमी पार्टी भले ही मामले को अदालत में ले गई है और राष्ट्रपति के पास भी शिकायत दर्ज करवाने की तैयारी कर रही हो, लेकिन अब वह मान चुकी है कि देर-सवेर जनता के बीच जाना ही होगा।

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