Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

आप के 20 विधायक अयोग्य घोषित, चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को भेजी रिपोर्ट

48 0
  • आम आदमी पार्टी की सरकार ने 21 विधायकों नियुक्‍त किया था संसदीय सचिव

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्‍व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार, लाभ के पद के मामले में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायकों को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। इस बाबत चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेज दी है।

बता दें कि इन विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के बाद से ही इनकी सदस्यता पर खतरा मंडरा रहा था। दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति 22 जनवरी को रिटायर होने जा रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले वे सभी पेंडिंग केस को खत्म करना चाहते हैं, इसलिए आयोग जल्दी-जल्दी पुराने मामले निपटा रहा है। हालांकि, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पूरे मामले में अपना बचाव कर रही है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग इसका फैसला नहीं कर सकता। इसका फैसला अदालत में होना चाहिए।

क्या है मामला
आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने मार्च, 2015 में 21 विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था। इसे लाभ का पद बताते हुए प्रशांत पटेल नाम के वकील ने राष्ट्रपति के पास शिकायत की। पटेल ने इन विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। हालांकि विधायक जनरैल सिंह के पिछले साल विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद इस मामले में फंसे विधायकों की संख्या 20 रह गई है।

केंद्र ने जताई थी आपत्ति
केंद्र सरकार ने विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में आपत्ति जताई। केंद्र सरकार ने कहा था कि दिल्ली में सिर्फ एक संसदीय सचिव हो सकता है, जो मुख्यमंत्री के पास होगा। इन विधायकों को यह पद देने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। संविधान के अनुच्‍छेद 102(1)(ए) और 191(1)(ए) के अनुसार, संसद या फिर विधानसभा का कोई सदस्य अगर लाभ के किसी पद पर होता है तो उसकी सदस्यता रद्द हो सकती है। यह लाभ का पद केंद्र और राज्य किसी भी सरकार का हो सकता है।

Read More : http://zeenews.india.com/hindi/india/delhi-haryana/delhi-aam-aadmi-party-aap-20-mla-disqualified-by-eci/366405

Related Post

11वें दिन भी नहीं चली लोकसभा, नहीं पेश हो सका अविश्वास प्रस्ताव

Posted by - March 19, 2018 0
लोकसभा स्‍पीकर ने हंगामे के चलते अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस स्वीकारने से किया इनकार राज्‍यसभा में भी विपक्ष के जोरदार…

सवर्णों का भारत बंद : बिहार-मध्य प्रदेश में व्यापक असर, कई जगह पथराव व जाम, ट्रेनें रोकीं

Posted by - September 6, 2018 0
नई दिल्‍ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए SC/ST एक्ट में संशोधन कर…

राफेल विवाद:जेटली बोले-रद्द नहीं होगी डील, ओलांद के बयान की टाइमिंग पर उठाए सवाल

Posted by - September 23, 2018 0
नई दिल्‍ली। राफेल डील मामले में फ्रांस के पूर्व राष्‍ट्रपति फ्रांस्‍वा ओलांद के बयान के बाद मचे सियासी घमासान के…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *