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8 बड़े मामलों की सुनवाई को चीफ जस्टिस ने बनाई संवैधानिक पीठ

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नई दिल्लीचीफ जस्टिस ऑफ इंडिया न्‍यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अहम मामलों की सुनवाई के लिए संवैधानिक पीठ का गठन किया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पीठ में केसों के अलॉटमेंट और सुप्रीम कोर्ट के कामकाज पर सवाल उठाने वाले चार सीनियर जजों को जगह नहीं दी गई है। हालांकि, इन जजों ने सोमवार को कोर्ट अटेंड की थी, जिसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने कहा था कि विवाद खत्म हो गया है। हालांकि, अभी ये कन्फर्म नहीं हो पाया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल चार जजों से चीफ जस्टिस ने मुलाकात की या नहीं।

संवैधानिक पीठ में कौन-कौन

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, चीफ जस्टिस न्‍यायमूर्ति दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल किए गए हैं। यह बेंच 17 जनवरी से अहम मामलों की सुनवाई शुरू करेगी।

किन मामलों की सुनवाई करेगी संविधान पीठ

सूत्रों के मुताबिक, ‘5 जजों की बेंच आधार एक्ट की संवैधानिक मान्यता, 2013 में गे-सेक्स री-क्रिमिनिलाइजेशन पर दिए अपने फैसले पर सुनवाई करेगी। इसके अलावा केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन और एडल्ट्री पर बने एक कानून की वैधता पर भी बेंच को सुनवाई करनी है। इस कानून के तहत किसी शादीशुदा महिला से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रखने पर सिर्फ आदमियों को ही सजा मिल सकती है। इसके अलावा क्रिमिनल केसों का सामना कर रहे लीडर्स के डिसक्वालिफिकेशन के मामले की भी सुनवाई होगी।

जस्टिस लोया के मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के कामकाज की लिस्ट (बिजनेस फॉर टुमारो) के मुताबिक, ‘जस्टिस लोया की मौत की जांच की दो पिटीशन की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच में होगी।’ बता दें कि इस केस की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच को सौंपे जाने पर भी सीनियर जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया था।

Read More : https://www.bhaskar.com/indian-national-news-in-hindi/news/NAT-NAN-HDLN-chief-justice-of-india-sets-up-constitution-bench-excluding-4-other-judges-contr-5792165-NOR.html

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