सेना प्रमुख बोले- अब स्वदेशी हथियारों से लड़ने का वक्त

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नई दिल्लीथलसेना अध्‍यक्ष बिपिन रावत ने कहा है कि हम धीरे-धीरे हथियारों की आयात को कम करने की दिशा की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब इस बात को पुख्ता करने का समय आ गया है कि हम अगली लड़ाई अपने देश में बने हथियारों के दम पर लड़ें। जनरल रावत ने यह बात दिल्ली में आयोजित एक सेमिनार में कही।

गौरतलब है कि केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से हथियारों के निर्माण को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। कई कंपनियों से इस बात के समझौते किए गए हैं कि वह अपने उत्पादों का निर्माण भारत में ही करेंगी। सरकार ने हथियारों को देश में ही विकसित करने के काम को अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ से भी जोड़ा है। हाल ही में देश की ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों के ऑर्डर को भी मंजूरी दी गई है।

सेना प्रमुख ने सेमिनार में कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के युवाओं मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि चिंता वाली बात नहीं है, आतंकवादी पहले भी सोशल मीडिया में हथियारों के साथ फोटो डालकर प्रोपेगेंडा करते रहे हैं। बुरहान वानी ने भी अपने 10-12 गुर्गों के साथ मिलकर एक वीडियो शेयर किया था। ये कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अपना काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन जारी रखेंगे। हमारी कोशिश है कि जहां भी इलेक्शन होने हैं, उनको सही तरीके से कराया जाए।

अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के साथ हाल ही में हुई घटना पर जनरल रावत ने कहा कि तुटिंग विवाद सुलझा लिया गया है। दो दिन पहले ही दोनों देशों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। डोकलाम इलाके में भी चीन के सैनिकों की तादाद में भारी कमी हुई है।

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