भारत को घेरने के​ लिए चीन ने चली नई चाल

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  • भारत के सहयोग से बने चाबहार पोर्ट को पाकिस्‍तान से जोड़ने का ईरान के सामने रखा प्रस्‍ताव

नई दिल्‍ली। अपने महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड (CPEC) से भारत को जोड़ने में नाकाम रहे चीन ने अब नई चाल चली है। वह नई दिल्ली के पड़ोसियों को अपने कब्जे में लेने की लिए योजना बना रहा है। चीन ने भारत के सहयोग से बने चाबहार पोर्ट और पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के बीच कनेक्शन बनाने की अपनी इच्छा ईरान के सामने रखी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चाबहार फ्री ट्रेड जोन के मैनेजिंग डायरेक्टर अब्दोलरहीम कोर्दी ने कहा कि चीन ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान में बने ग्वादर पोर्ट को ईरान के चाबहार से जोड़ने के लिए इच्छा जताई है। हालांकि अभी ईरान के चाबहार और पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के बीच किसी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाजार तक पहुंच बनाने की क्षमता के मामले में दोनों बंदरगाह एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

कोर्दी ने कहा कि सेंट्रल एशिया और यूरोप को जोड़ने के लिए सड़क और रेल कनेक्शन फैसिलिटी के मामले में चाबहार पोर्ट ग्वादर से कई गुना ज्यादा बेहतर है। ईरान में चाबहार पोर्ट के प्रोजेक्ट पर काम 2007 में शुरू हुआ था, जिसकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये थी और इसमें 50 करोड़ भारत ने दिए हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने वाले चाबहार पोर्ट की सालाना मालवहन क्षमता 85 लाख टन होगी, जो अभी 25 लाख टन है। चीन अपने इकनॉमिक कोरिडॉर को मजबूत करने के लिए ओबीओआर और सीपीईसी समेत जैसे कई प्रोजेक्ट चला रहा है। इसके अलावा इसी माह श्रीलंका ने भी अपना हम्बनटोटा पोर्ट चीन को 99 साल के लिए पट्टे पर दे दिया था, जो भारत से बिल्कुल नजदीक है।

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