‘जुमानजी : वेलकम टू द जंगल’ यानी एक्शन और एडवेंचर

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‘जुमानजी : वेलकम टू द जंगल’ साल 1995 में आई फिल्म  ‘जुमानजी’ की सीक्‍वल है। ये फिल्म अपनी सीक्‍वल फिल्म  की कहानी से बिल्कुल अलग है लेकिन कहीं न कहीं यह फिल्म अपनी पहले की फिल्म से काफी हद तक इंस्‍पायर है।

‘जुमानजी’ में 2 बच्‍चे बोर्ड गेम खेलते हैं। खेल के दौरान हर चाल पर पासा फेंकते ही नए चैलेंज आते हैं, जिनमें घर कभी जंगल बन जाता है तो कभी घर में जानवर घुस जाते हैं, लेकिन आज टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो गई है। ‘जुमानजी : वेलकम टू द जंगल’ में बोर्ड गेम की जगह वीडियो गेम आ गया है।  ‘जुमानजी: वेलकम टू द जंगल’ में काफी इंटरस्टिंक टास्‍क और चैलेंज का कॉन्‍सेप्‍ट तो है लेकिन सबकुछ अलग तरीके से सामने आया है।

‘जुमानजी : वेलकम टू द जंगल’ की कहानी चार लोगों पर बेस्ड है। इसमें चार स्‍टूडेंट को डिटेंशन में भेजा जाता है। उन्हें सजा के तौर पर बेसमेंट साफ करने का काम दिया जाता है। सफाई के दौरान उन्हें जुमानजी नाम का वीडियो गेम मिलता है। इस वीडियो गेम को खेलने के वाले को अपने लिए किरदारों को सेलेक्ट करना होता है। चारों स्‍टूडेंट अपनी पसंद के किरदार चुन कर बटन दबाते हैं। जैसे ही वो चारों बटन दबाते हैं, गेम उन चारों को अपनी ओर खींच लेता है। बेसमेंट जहां वो सफाई कर रहे होते हैं, वहां से सीधे वो जंगल में चले जाते हैं।

वहां चारों स्टूडेंट में से 2 लड़के और 2 लड़कियां थीं, लेकिन जैसे ही वो करेक्टर सेलेक्ट करते हैं, वैसे ही एक लड़की लड़के में बदल जाती है। बाकी बचे तीन अपने-अपने कैरेक्टर में बदल जाते हैं और सब अपनी उम्र से काफी बड़े हो जाते हैं। इस पूरे गेम में कैरेक्टर को 3 बार लाइफ सेविंग का चांस मिलता है। लाइफ सेविंग के इस चांस को वो अच्छी तरह खेल लेंगे, तभी जिन्दा रह पाएंगे। सभी कैरेक्टर की अपनी अपनी कमजोरी और ताकत है।

इस फिल्म का सबसे मजेदार हिस्सा ड्वेन जॉनसन, जैक ब्लैक, केविन हार्ट और कैरेन जिलियन की टीम है। जब ये चारों अपनी टीन एज, यंग एज में आगे की तरफ कदम रखते हैं तो सब पूरी तरह चेंज हो जाते हैं, और यही देखना सबसे ज्यादा इंटरेस्टिंग है। इस फिल्म में सभी कैरेक्टर की एक्टिंग जबरदस्त है, साथ ही फिल्म की डायरेक्शन भी काफी उम्दा है।

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