ऐतिहासिक तीन तलाक बिल लोकसभा में पारित, सारे संशोधन हुए खारिज

39 0
  • कांग्रेस ने विधेयक को स्‍टैंडिंग कमेटी के पास भेजने की मांग की जिसे सरकार ने ठुकरा दिया

नई दिल्ली। तीन तलाक पर मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार को लोकसभा में 5 घंटे की लंबी चर्चा के बाद तीन तलाक पर ऐतिहासिक ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज’ बिल पास हो गया है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक को पेश किया। बिल के खिलाफ सारे 19 संशोधन खारिज हो गए। इनमें एमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भी 2 संशोधन थे। ओवैसी के पक्ष में दो और विरोध में 247 वोट पड़े। इसके साथ ही बीजू जनता दल के सांसद भ्रातृहरि महताब और कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव के संशोधन प्रस्ताव भी वोटिंग में खारिज हो गए। इसके बाद बिल के पक्ष में हुई वोटिंग में ये पास हो गया।

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इसकी जानकारी देते हुए सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। लोकसभा में पारित होने के बाद यह विधेयक अब राज्यसभा में मंजूरी के लिए जाएगा। उच्च सदन से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक देश में कानून के तौर पर लागू हो जाएगा। कांग्रेस ने विधेयक में कुछ खामियों का उल्‍लेख करते हुए इसे स्‍टैंडिंग कमेटी के पास भेजने की मांग की जिसे सरकार ने ठुकरा दिया। इसका मसौदा गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले एक अंतर-मंत्री समूह ने तैयार किया है।

लोकसभा में बिल पेश करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं को उनका हक और न्याय दिलाने के लिए यह बिल लाई है। उन्होंने कहा कि इस बिल का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार शरीयत में दखल देने के लिए तीन तलाक बिल नहीं लाई है। इसका मकसद सिर्फ तीन तलाक को रोकना है। पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों में भी तीन तलाक पर रोक है।

प्रस्तावित कानून एक बार में तीन तलाक या ‘तलाक ए बिद्दत’ पर लागू होगा। इसके तहत पीड़िता अपने व अपने नाबालिग बच्चों के लिए संरक्षण और गुजारा भत्ता की मांग कर सकती है। इस मामले पर मजिस्‍ट्रेट अंतिम फैसला करेंगे। इसके तहत किसी भी तरह का तीन तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) गैरकानूनी होगा। ऐसा करने पर पति को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर कानून बनाने को कहा था और उसी के आदेश के अनुपालन में यह विधेयक पेश किया गया।

ज्यादा मुसलमानों को जेल में डालने के लिए कानून : ओवैसी 

लोकसभा में तीन तलाक बिल पर बहस के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस बिल के जरिए न सिर्फ पर्सनल लॉ में दखल दे रही है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों को जेल में डालने का सपना देख रही। ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ तीन तलाक ही नहीं, बल्कि सभी तरह के तलाक को खत्म करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुस्लिम देश में तलाक को लेकर दंड संहिता नहीं है। इसके तहत सजा का प्रावधान नहीं किया जा सकता है। शौहर से बीवी की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए जबरदस्ती नहीं की जा सकती है।

Read More : https://naidunia.jagran.com/national-big-news-three-divorce-bill-passed-in-lok-sabha-all-amendments-rejected-1474452

Related Post

मेरठ में डॉक्टर्स के फंक्शन में एंबुलेंस में आई शराब, थिरकीं रशियन डांसर

Posted by - December 26, 2017 0
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के 1992  बैच की रजत जयंती में परोसी गई महंगी विदेशी शराब कैंपस की वीडियो…

संघ मुख्यालय में ये बोलेंगे प्रणब मुखर्जी, जानिए किस बारे में देंगे भाषण

Posted by - June 7, 2018 0
नागपुर। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नागपुर में संघ के कार्यक्रम में भाषण देने वाले हैं। आरएसएस के कार्यक्रम में प्रणब…

Loc पर भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई, 5 पाक सैनिक ढेर, कई पोस्ट तबाह

Posted by - April 24, 2018 0
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर मंगलवार (24 अप्रैल) को भारतीय सेना ने बड़ी कार्रवाई की है। जम्मू बॉर्डर के राजौरी एरिया…

दूसरे संप्रदाय के युवक से अफेयर पर पुलिस ने छात्रा से की अभद्रता-मारपीट, वीडियो वायरल

Posted by - September 26, 2018 0
मेरठ। इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस पुलिस पर महिला अपराध रोकने की जिम्मेदारी है, वही महिलाओं से मारपीट और…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *