45 टॉपर्स को गोल्ड मेडल और 123 शोधार्थियों को मिली डॉक्टरेट की उपाधि

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  • गोरखपुर विश्‍वविद्यालय का 36वां दीक्षांत : गोल्ड मेडल गले में पड़ते ही खुशी से दमके चेहरे

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षान्त मंगलवार को संपन्न हुआ। अव्वल रहने वाले मेधावियों को स्वर्ण पदक से विभूषित किया गया। वर्ष 2017 के विभिन्न संकाय व विभागों में टॉप करने वाले 47 टॉपर्स को 45 विश्वविद्यालय पदक सहित 112 गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में 123 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की गई। दीक्षांत के मुख्य अतिथि प्रख्यात भौतिक विज्ञानी जयंत विष्णु नार्लीकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि देकर सम्मानित किया गया।

दीक्षांत में सबसे पहले कुलाधिपति राम नाईक व मुख्य अतिथि प्रख्यात विज्ञानी जयंत वी. नार्लीकर का स्वागत विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। एनसीसी के कैडेट्स ने परिसर में उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद विद्वत परियात्रा शुरू हुई। विद्वत परियात्रा के बाद अतिथियों का स्वागत विवि के कुलपति प्रो. वीके सिंह द्वारा किया गया। कुलपति विवि की पिछले साल की उपलब्धियां बताने के साथ ही आने वाले सत्र  के लिए नई शुरुआत से अवगत कराया। इसके बाद स्मारिका का विमोचन किया गया। अतिथियों के स्वागत पश्चात पदक विजेता छा़त्र-छात्राओं को विवि स्वर्ण पदक, स्मृति पदक व डिग्री से नवाजा गया। मुख्य अतिथि व महामहिम का अभिनन्दन पत्र पढ़े जाने के पश्चात दोनों का संबोधन हुआ। कुलसचिव के धन्यवाद के पश्चात कुलाधिपति ने दीक्षांत के समापन की घोषणा की। दीक्षांत के पश्चात विद्वत परियात्रा वापस निकली।

नार्लीकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि
दीक्षान्त समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात भौतिक विज्ञानी जयंत विष्णु नार्लीकर को विज्ञान के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी गई। जयन्त विष्णु नार्लीकर प्रसिद्ध भारतीय भौतिक वैज्ञानिक हैं जिन्होंने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए अंग्रेजी, हिन्दी और मराठी में अनेक पुस्तकें लिखी हैं। वे ब्रह्माण्ड के स्थिर अवस्था सिद्धान्त के विशेषज्ञ हैं और फ्रेड हॉयल के साथ भौतिकी के हॉयल-नार्लीकर सिद्धान्त के प्रतिपादक हैं। उन्हें अनेक पुरस्कारों से समानित किया जा चुका है। इन पुरस्कारों में प्रमुख हैं स्मिथ पुरस्कार (1962), पद्म भूषण (1965), एडम्स पुरस्कार (1967), शांतिस्वरूप पुरस्कार (1979), इन्दिरा गांधी पुरस्कार (1990), कलिंग पुरस्कार (1996) और पद्म विभूषण (2004), महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार (2010)। नार्लीकर न केवल विज्ञान में किए कार्य के लिए जाने जाते हैं बल्कि विज्ञान को लोकप्रिय बनाने में भी उनका अहम योगदान है।

पदक मिलते ही चेहरे पर खुशी दमक उठी
वर्ष-2017 स्नातकोत्तर दृश्य कला के टॉपर राहुल कुमार, मंच कला की सौम्या यादव, गृह विज्ञान की श्रुति यादव, मनोविज्ञान की आकांक्षा पांडेय, संस्कृत की पूजा सिंह, भूगोल के सुशील कुमार, इतिहास की ज्योत्सना मिश्र, प्राचीन इतिहास की नमिता सिंह, उर्दू की फरहीन फातिमा, अंग्रेजी की अंतिमा शुक्ला, समाज शास्त्र की ममता शर्मा, दर्शन शास्त्र के प्रफुल्ल चंद, हिन्दी की दीक्षा श्रीवास्तव, राजनीति शास्त्र की प्रज्ञा दीक्षित, शिक्षा संकाय की रंजना पांडेय, सतत शिक्षा एवं प्रसार कार्य के देवेश त्रिपाठी व बीएड में अव्वल आने वाली गीतांजलि दुबे को गोल्ड मेडल कुलाधिपति राम नाईक व मुख्य अतिथि जयंत विष्णु नार्लीकर द्वारा प्रदान किया गया।

स्नातकोत्तर रक्षा अध्ययन की टॉपर आकांक्षा तिवारी, रसायन शास्त्र की मदीहा राशिद, गणित में छात्र वर्ग में टॉपर शुभम कुमार केडिया, छात्रा वर्ग की टॉपर आकांक्षा सिंह, प्राणि विज्ञान की रीतिका राज, वनस्पति विज्ञान की रुखसार परवेज, भौतिकी की नेहा सिंह, बायोटेक्नोलॉजी की कंचन यादव, इलेक्ट्रॉनिक्स के हरिओम मणि, सांख्यिकी की सुप्रिया मिश्रा, पर्यावरण विज्ञान की गरिमा शुक्ला, माइक्रोबायलोजी के अमर प्रजापति और गृह विज्ञान की अंकिता श्रीवास्तव, स्नातकोत्तर कृषि के टॉपर आकशदीप मौर्य, एमए अर्थशास्त्र की टॉपर रजनी निगम, एमकॉम की टॉपर शालिनी व एमबीए की टॉपर श्वेता श्रीवास्तव को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। चिकित्सा संकाय की टॉपर डॉ. सी.थारूना को गोल्ड मेडल मिला।

स्नातक कला संकाय की ओवरआल टॉपर प्रियंका शुक्ला, कला संकाय के छात्रों में टॉपर सुधांशु मिश्र, हिन्दी की टॉपर कृतिका सिंह, विज्ञान संकाय की टॉपर अनीशा गौहर, गणित की टॉपर निशु मिश्रा, गृह विज्ञान की पूजा दुबे, बीसीए की टॉपर शशिकला, कृषि संकाय के टॉपर अश्वनी कुमार पटेल, वाणिज्य संकाय की टॉपर साक्षी जायसवाल और बीबीए की टॉपर त्रिशला सिंह को विवि स्वर्ण पदक के अलावा स्मृति पदक से भी नवाजा गया। भौतिक विभाग की शोध छात्रा गार्गी तिवारी को गुरु गोरक्षनाथ स्मृति स्वर्ण पदक व स्नातक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कृतिका सिंह को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्मृति स्वर्ण पदक तथा बीजे 2016 की टॉपर प्रियंका को स्वर्ण पदक इस दीक्षांत में मिले।

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