अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा, राम सेतु मानव निर्मित

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नई दिल्ली : हिन्दुओं के पौराणिक ग्रंथों में भारत-श्रीलंका को जोड़ने वाले पुल यानी राम सेतु से क्या रहस्य का पर्दा उठ पाएगा? भू-वैज्ञानिकों के हवाले से दावा करने वाले एक टीवी शो- ऐन्सिएंट लैंड ब्रिज, का प्रोमो तो यही इशारे कर रहा है। इसका प्रसारण अमेरिका में एक साइंस चैनल पर किया जाएगा। अमेरिकी भू-वैज्ञानिकों के अनुसंधान के मुताबिक रामेश्वरम के पम्बन द्वीप से श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच 50 किलोमीटर लंबी श्रृंखला मानव निर्मित है। राम सेतु को एडम्स ब्रिज भी कहा जाता है। इंस चैनल पर चल रहे इस प्रोमो को 24 घंटे के अंदर 11 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी ने इस विडियो को ट्वीट करते हुए ‘जय श्री राम’ भी लिखा है।

किसने की रिसर्च

साइंस चैनल के ट्रेलर के मुताबिक इंडियाना यूनिवर्सिटी नॉर्थवेस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर और सदर्न ऑरेगान यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि राम सेतु मानव निर्मित है। प्रोमो में एक वक्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है – सैंड बार प्राकृतिक हो सकते हैं लेकिन उनके ऊपर रखे पत्थरों को कहीं दूर से लाकर किसी ने रखा है। ये चट्टानें 7000 साल पुरानी हैं, जबकि सैंड बार केवल 4000 साल पुराने। इस समय को ही रामायण काल माना जाता है। ये अजीब है कि बालू के ऊपर रखी चट्टानें बालू से ज्यादा पुरानी हैं, जिसकी वजह से इस रिसर्च में ट्विस्ट आ गया है।

सोशल मीडिया पर हलचल

स्मृति इरानी के रीट्विट के बाद ट्विटर पर भी हलचल मची। लोगों ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया पर सवाल उठाने लगे। संदीप सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा – जय श्री राम… लेकिन एएसआई क्या कर रहा है? यह बात तो दुनिया को हमारे जरिए पता चलनी चाहिए थी न कि कोई साइंस चैनल हमें बताता

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