चुनाव ख़त्म होते ही बीजेपी के बागी नेताओं के यहां विजिलेंस छापा !

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  • कुशीनगर के खड्डा में तीन पूर्व चेयरमैन सहित एक दर्जन वरिष्ठ भाजपाइयों पर बदले की कार्रवाई

कुशीनगर। निकाय चुनाव में जीत का जश्न मना रही बीजेपी अब सरकारी तंत्र को बागियों व विद्रोहियों को ‘ठीक’ कराने में लगी है। शनिवार को कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने करीब एक दर्जन जगहों पर छापेमारी की। चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई तो अन्य से जुर्माना वसूला गया। छापेमारी को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है, वजह यह कि विजिलेंस की टीम ने जहां-जहां छापा मारा, वह बीजेपी के लोगों का ही घर है। बताया जा रहा कि निकाय चुनाव में बागी होने या दल की मुखालफत करने पर एक जनप्रतिनिधि द्वारा यह कार्रवाई कराई जा रही है। फिलहाल बीजेपी संगठन इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से कतरा रहा है।

शनिवार को विद्युत प्रवर्तन दल की विजिलेन्स टीम ने खड्डा नगर के तीन पूर्व चेयरमैन सहित कई व्यापारियों के यहां छापेमारी की। प्रवर्तन दल की टीम ने सीओ अखिलेश सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अरविंद तिवारी, विवेक सिंह व जेई अश्वनी पांडेय के साथ नगर के तहसील रोड पर निवर्तमान चेयरमैन शारदा तुलस्यान के पति राजू तुलस्यान के सिनेमा हॉल पर छापेमारी की। राजू तुलस्यान हिन्दू युवा वाहिनी व बीजेपी से काफी दिनों तक जुड़े रहे हैं। इस बार उन्‍होंने बागी होकर अपने घर के एक सदस्य को चुनाव लड़ाया था।

इसके बाद रेलवे रोड पर बीजेपी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व चेयरमैन डॉ. नीलेश मिश्र की क्‍लीनिक पर इस टीम ने छापेमारी की। डॉ. नीलेश मिश्र बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। फिर अम्बेडकर नगर मुहल्ला स्थित संतोष मद्धेशिया की नमकीन फैक्ट्री पर छापेमारी हुई। संतोष मद्धेशिया भी बीजेपी के पूर्व पदाधिकारी हैं और इस बार टिकट के दावेदार थे। इसके बाद विजिलेंस टीम ने टीचर कालोनी में गणेश शंकर शुक्ला, गांधीनगर मुहल्ला में अमर चंद जायसवाल व सिनेमा रोड स्थित पवन मद्धेशिया के यहां छापेमारी की। टीम ने छापेमारी कर लोड बढ़ाने की कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई भी की है। बता दें कि अमर चंद जायसवाल इस बार बीजेपी के चेयरमैन टिकट के प्रबल दावेदार थे और टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे थे। बीजेपी के पवन मद्धेशिया ने भी इस चुनाव में विद्रोह किया था। रिटायर्ड शिक्षक गणेश शंकर पांडेय भी संगठन के लिए सक्रिय रहते लेकिन इस बार उनके ऊपर विद्रोह करने का आरोप है।

निकाय चुनाव सम्पन्न होने के तुरंत बाद हुई इस कारवाई के लोग राजनीतिक निहितार्थ लगाने में लगे हैं। बताया जा रहा कि यह कार्रवाई एक जनप्रतिनिधि द्वारा की गई बागियों की शिकायत पर की गई है। इस बार निकाय चुनाव में खड्डा नगर पंचायत में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने जीत हासिल की है और बीजेपी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। पार्टी सूत्रों की मानें तो इस बार बागियों को सबक सिखाने व आगामी चुनाव में जीत के लिए दबाव की पॉलिटिक्स की जा रही है। अभी और इस तरह की कार्रवाई हो तो कोई आश्चर्य की बात नहीं।

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