कलंकित होते रिश्ते : सुपारी किलर से कराई बुजुर्ग पिता की हत्या

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  • गोरखपुर के झरना टोला में बुजुर्ग की हत्या पर से पुलिस ने उठाया पर्दा

गोरखपुर। शहर के झरना टोला में बुजुर्ग गुलजार की हत्या बड़े बेटे ने ही कराई थी। ऐसा दावा गोरखपुर पुलिस का है। पुलिस दो सुपारी किलर को सामने भी लाई है, जबकि आरोपी बड़े बेटे ने इस कृत्य से इनकार किया है। उसने अभी तक दोनों हत्यारों की पहचान भी नहीं की है। हालांकि, पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों व बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने झरना टोला में बुजुर्ग की हत्याकांड का खुलासा किया। शाहपुर के झरना टोला के 80 वर्षीय बुजुर्ग गुलजार निषाद की 17 नवम्बर की रात में उनके घर में हत्या कर दी गई थी। प्रथम दृष्टया यह मामला लूट और हत्या की ओर इशारा कर रहा था। पुलिस को इस घटना में किसी अपने के शामिल होने का शक था। जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ाई गई। एसपी सिटी ने बताया कि शनिवार की देर शाम कैंट रेलवे स्टेशन के पास से पुलिस ने झरना टोला के ही रहने वाले संजू पासवान और अभिषेक गौड़ को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने बुजुर्ग गुलजार की हत्या का जुर्म कबूल लिया। उन्होंने बताया कि गुलजार के बड़े बेटे जगदीश के कहने पर ही उसने उनकी हत्या की थी। पुलिस के दावों के अनुसार, वारदात वाली रात जगदीश ने संजू और अभिषेक को जमकर शराब पिलाई। इसके बाद अपने पिता की हत्या करने के लिए उकसाया और इसकी एवज में 10 हज़ार रुपये भी देने का वादा किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार संजू पानी सप्लाई का काम करता है तो अभिषेक पालिश का काम करता है।

दोनों आरोपियों ने बताया कि नशे में होने के कारण दोनों ने उसकी बात मान ली। दोनों घर गए और अंदर कुछ सामान गिराया, जिससे बुजुर्ग की नींद खुल गई। बरामदे में सो रहे गुलजार अंदर आए तो दोनों ने मिलकर नाक और मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस की थ्योरी के अनुसार, इसके बाद दोनों ने सामान बिखेर दिए। लैपटॉप और मोबाइल वहां से उठाया और घर से कुछ दूरी पर फेंक दिया। पुलिस के अनुसार यह हत्या इसलिए की गई कि बुजुर्ग अपने बड़े बेटे के साथ न रहकर मझले बेटे के साथ रहते थे और उसे डर सता रहा था कि संपत्ति कहीं उसके नाम न कर दे। पुलिस के मुताबिक गुलजार के तीन बेटे हैं। जगदीश सबसे बड़ा है। मझला बेटा जोगिंदर सेना से रिटायर है। सबसे छोटा राजेन्द्र है। जोगिंदर ने झरना टोला में ही घर बनवाया है। राजेन्द्र मुम्बई में परिवार के साथ रहता है। जगदीश पुश्तैनी मकान में परिवार के साथ रहता है। गुलजार अपने मझले बेटे के साथ नए मकान में रहते थे।

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