वीडियो कॉल से होगा मरीजों का इलाज

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  • टार्डिग्रेड हेल्थटेक ने लखनऊ में लांच किया एंड्रॉयड एप्लिकेशन ‘गाइड’
  • बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ ब्‍लॉक के 15 गांवों में ऐप से जुड़े हैं लोग

लखनऊ। टार्डिग्रेड हेल्थटेक ने अपने एंड्रॉयड एप्लिकेशन ‘गाइड’ को गुरुवार को लखनऊ में लांच किया। इस ऐप के जरिए मरीज वीडियो कॉल से डॉक्‍टर से संपर्क कर सकेंगे। इस ऐप को ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को शहर के डॉक्टरों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

भारत में जहां 68 प्रतिशत आबादी शहरों के बाहर रहती है, वहीं केवल 33 प्रतिशत डॉक्टर ही उनके लिए काम कर पाते हैं। बाराबंकी जिले में यह ऐप पिछले एक साल से काम कर रहा है। जिले के हैदरगढ़ ब्‍लॉक के 15 गांवों को सैम्‍पल के तौर पर चुना गया है। यह ऐप अब हर दिन इन 15 गांवों के 40 मरीजों को शहर के डॉक्टरों से जोड़ता है। गाइड ऐप के माध्यम से वीडियो कॉल द्वारा मरीज डॉक्टर से सीधे संपर्क करता है और अपनी परेशानी बताता है। बीमारी के लक्षणों के आधार डॉक्‍टर उन्हें दवाएं और मेडिकल सलाह देता है।

हेल्‍थ प्रोवाइडर के जरिए कर सकेंगे कॉल

टार्डिग्रेड हेल्थटेक के डॉ. अक्षत जैन ने बताया कि गाइड ऐप को गाँव में हमारे हेल्थ प्रोवाइडर द्वारा ही ऑपरेट किया जाएगा। उसे एक एंड्रायड फ़ोन दिया जाएगा जिसमें यह ऐप रहेगा। हेल्थ प्रोवाइडर को फ़ोन को ऑपरेट करनी की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। हेल्थ प्रोवाइडर आशा या एएनएम भी हो सकती हैं। इस ऐप में खासियत यह है कि हेल्थ प्रोवाइडर द्वारा पहले से ही मरीज की ब्रीफ हिस्ट्री जैसे मरीज का नाम, उम्र, लिंग और उसका बीपी आदि दर्ज कर लिया जाएगा ताकि डॉक्टर पहले से तैयार रहे कि वह किस तरह के मरीज को देखने या उससे बात करने वाला है। ​गाइड ऐप के लॉन्च के मौके पर डॉ. अक्षत जैन, डॉ. गोगिया और डॉ. सौरभ कुमार मौजूद थे।

डॉक्टर और मरीज के गैप को कम करेगा ऐप : डॉ. गोगिया

डॉ. गोगिया कहते हैं कि गाँव में हेल्थ केयर बेहद गंभीर समस्या है। डॉक्टरों के पास लम्बी भीड़ मरीज को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या आज डॉक्टर उन्हें देख पाएंगे? गाइड ऐप इसी गैप को कम करने में सहयोग करेगा। ऐसे में टेक्नोलॉजी, स्वास्‍थ्‍य और मैनेजमेंट कैसे काम करते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। जैसे-जैसे गाँव इंटरनेट से जुड़ रहे हैं और इस ऐप के साथ जो टीम काम कर रही है, उसको देखते हुए मैं यह कह सकता हूँ कि गाइड ऐप के सफल होने की बहुत संभावना है।

डॉक्टर के पास जाने का खर्च बचेगा : डॉ. अक्षत

डॉ. अक्षत जैन ने बताया कि यह ऐप डॉक्टर के पास जाने के खर्चे को बचाता है। इस ऐप में ऑडियो के अलावा वीडियो कॉल करने की भी सुविधा है। मरीज को देखकर उसकी सेहत का अनुमान लगाया जा सकेगा, जिससे उसका बेहतर इलाज़ हो सकेगा। कोई कंसल्टेंसी फीस भी नहीं है। इलाज के दौरान जो भी दवाएं मरीज के लिए लिखी जाएँगी, वो सब जेनरिक दवाएं होंगी। मरीज अपने पहले से चल रहे इलाज़ के पर्चे की फोटो खींचकर भेज सकते हैं जिससे डॉक्‍टर को उसके इलाज के बारे में ठीक से जानकारी हो सकेगी।

ऐप से इलाज कराने में 45% महिलाएं  : डॉ. सौरभ

डॉ. सौरभ कुमार बताते हैं कि जब भी मैं स्टार्ट-अप की खबरें पढ़ता था तो सोचता था कि मेरे लखनऊ का नाम कभी क्यों नहीं आता। गाँव में इस ऐप के जरिये हेल्थ केयर की डिमांड बहुत बढ़ रही है। गाइड ऐप का टेस्ट सबसे पहले बाराबंकी जिले के 15 गाँवों में किया गया जिसका रिजल्ट यह रहा कि रोजाना 40 से 50 मरीज इस ऐप के माध्यम से इलाज के लिए सामने आने लगे। इनमें महिलाओं का प्रतिशत 45 रहा

डॉ. सौरभ बताते हैं कि फिलहाल उनके पास 5 डॉक्टर उपलब्ध हैं, जो सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक इस ऐप से जुड़े रहते हैं। शाम 5 बजे के बाद यदि कोई मरीज संपर्क करना चाहता है तो वह टोल फ्री नंबर के जरिए फ़ोन कर सकता है।

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