एपेक में भारत की सदस्यता की वकालत करेंगे डोनाल्ड ट्रंप

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दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं और एशियाई अर्थव्यवस्था में भारत की मजबूत पहचान स्थापित करने को लेकर अगले सप्ताह अच्छी खबर मिल सकती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह मनीला में आयोजित होने वाली एशिया पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (एपेक) शिखर सम्मेलन में भारत को एपेक का 21वां सदस्य बनाए जाने का पुरजोर समर्थन कर सकते हैं.

गौरतलब है कि ट्रंप ने शुक्रवार को वियतनाम में चल रहे एपेक समिट के दौरान भी भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जमकर तारीफ की है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समिट में भारत की ग्रोथ स्टोरी की जमकर तारीफ की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोगों को एकसाथ लाने के लिए सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के साथ विकास की तेज रफ्तार हासिल करने के लिए भी ट्रंप ने भारत की सराहना की.

एपेक का अगला समिट अगले सप्ताह मनीला में होने वाला है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे. इस बीच अमेरिका खुफिया एजेंसी CIA के चीन विशेषज्ञ ने संकेत दिया है कि इस समिट में ट्रंप भारत को एपेक का सदस्य बनाए जाने पर जोर डालेंगे. सीआईए के अनुसार भारत को एपेक का सदस्य बनाने को लेकर अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच पिछले कुछ समय से इस पर विचार-विमर्श चल रहा है. CIA के विशेषज्ञ ने ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे दोस्ताना रिश्ते की बात कही और यह पहली बार है जब एपेक के मंच पर ट्रंप ने मोदी की खुलकर तारीफ की है.

ट्रंप अगर भारत को एपेक का सदस्य बनाए जाने पर डोर डालते हैं तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने वाला और एशिया की अर्थव्यवस्था में भारत को मजबूत हस्तक्षेप प्रदान करने वाला साबित होगा. इससे भारत और चीन के बीच संबंधों में बेहतर नियंत्रण भी स्थापित होगा.CIA के चीन विशेषज्ञ डेनिस वाइल्डर के मुताबिक, “ट्रंप का यह कदम एशिया क्षेत्र में भारत की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने की अमेरिका की रणनीति को अमली जामा पहनाने जैसा होगा और इससे भारत को अपने सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वी चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगा.

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