एनजीटी ने श्री श्री की कोलकाता की इमारत तोड़ने का दिया आदेश

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  • आर्ट ऑफ लिविंग पर पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप

नई दिल्‍ली। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की तरफ से बड़ा झटका लगा है। एनजीटी ने कोलकाता स्थित रविशंकर की इमारत को तोड़ने का आदेश दिया है। आर्ट ऑफ लिविंग पर पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। एनजीटी ने इसी मामले के चलते कोलकाता स्थित वैदिक धर्म संस्थान की बिल्डिंग को तोड़ने का आदेश दिया है। ‘आज तक’ के मुताबिक आदेश है कि बिल्डिंग को तीन महीने के अंदर गिराया जाए और साथ ही जुर्माना भी लगाया जाए।

इसके अलावा लगभग एक हफ्ते पहले भी ईस्ट कोलकाता वेटलैंड मैनेजमेंट अथॉरिटी को आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ी संस्था के सभी अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया था। एनजीटी ने हरित कानूनों की अवहेलना के चलते ये आदेश दिया था। आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ी संस्था वैदिक धर्म संस्थान पर जमीन कब्जाने और हरित कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। बता दें कि ईस्ट कोलकाता वेटलैंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (ईकेडब्ल्यूएमए) पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन काम करती है।

दरअसल ईकेडब्ल्यूएमए ने पिछले साल वैदिक धर्म संस्थान के ऊपर पर्यावरण के कानून का उल्लंघन करते हुए और अवैध इमारत का निर्माण करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। संस्थान पर तीन मंजिला इमारत का निर्माण करने का आरोप लगा था। इस तीन मंजिला बिल्डिंग के निर्माण को ईस्ट कोलकाता वेटलैंड (सरंक्षण/प्रबंधन) कानून, 2006 का जबरदस्त उल्लंघन माना गया। रविशंकर को इस मामले में दो नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन नोटिस को अनदेखा करते हुए बिल्डिंग के निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया और वहां कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाने लगा। इस मामले में पहला नोटिस अगस्त, 2015 और दूसरा सितंबर में जारी किया गया था।

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