‘बिग बॉस’ में होस्ट का मौका मिला तो जरूर करूंगा : संजय कपूर

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  • फिटनेस का मतलब टू लुक फिट
  • सिर्फ टैलेंट से नहीं खुद के परसेप्शन से मिलती है सफलता

बॉलीवुड अभिनेता संजय कपूर गुरुवार को लखनऊ में थे। वो यहां अपने टेलीविजन शो दिल संभल जा जराके प्रमोशन के लिए आए थे। ताज विवांता में हुए कार्यक्रम के बाद the2is.com की दीपाली अग्रहरि ने उनसे खास बातचीत की –  

एक बड़े परिवार से होने के कारण क्या कभी आपको फिल्मों के लिए परिवार से प्रेशर मिला है?

एक बार जब आप कैमरे के सामने आ जाते हैं तो प्रेशर अपने आप आ जाता है. इसे हमेशा पॉजिटिव लेते हुए और मेहनत करनी चाहिए। परिवार में कभी किसी ने प्रेशर नहीं दिया बल्कि सपोर्ट किया। फ़िल्में हों चाहे न हों मैंने कभी भी अपना फोकस नहीं छोड़ा, अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया, जिसकी वजह से आज मैं ‘दिल संभल जा जरा’ टेलीविजन शो में लीड रोल कर रहा हूँ। मेरे बड़े भाई बोनी कपूर ने जिन्दगी में कभी एक्सरसाइज नहीं की लेकिन मैं और अनिल फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले ही मुंबई के फेमस जिम तल्वरर्कर्स जाया करते थे फिट रहने के लिए। लेकिन फिर भी मैं अनिल से ज्यादा फिट हूँ।

‘दिल संभल जा जरा’ शो में आप किस तरह की भूमिका में नज़र आने वाले हैं?

इस सीरियल में मैं एक परफेक्ट लड़का आनंद माथुर का किरदार निभा रहा हूँ जो बहुत अमीर है। अमीर होने के साथ–साथ फैमिली मैन भी है और अपनी फैमिली से बहुत प्यार करता है, अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है। लेकिन हर रिलेशन में एक ऐसा मोड़ आता है जहाँ कुछ चीज़ें बदलने लगती है, वो इस शो में आपको देखने को मिलेंगी। इससे पहले कभी मैंने एक मैच्योर रोल किसी फिल्म में भी नहीं किया जो इस शो में कर रहा हूँ। इस शो का कंटेंट एडल्ट नहीं है, लेकिन इसके बावजूद यह बोल्ड शो है।

संजय कपूर
संजय कपूर

मुझे याद है पहले बड़ी फ़िल्में मुंबई में 30 सिनेमाघरों में लगती थीं। आज के दौर में फ़िल्में 2000 से 4000 स्क्रीन्स पर लगती हैं। पहले फिल्मों के चार शो ही होते थे। फिल्म देखने के लिए टिकट्स ब्लैक में बिकती थी। आज मल्टीप्लेक्स का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ गया है और लोग भी। मेरी फिल्म ‘सिर्फ तुम’ 25 हफ्ते चली थी तो लोग जो 25 हफ्ते में देखते थे, आज 6 दिन में देख लेते हैं। आज चार हफ्ते भी फिल्म चल जाती है तो लगता है कि बहुत बड़ी बात हो गई।

फिल्म और टेलीविजन की शूटिंग में आपको क्या फर्क लगा?

फिल्मों में भी हम 12 घंटे काम करते थे। अब वो समय नहीं रहा कि 9 बजे की शूट पर 12 बजे आ रहे हैं। फिल्म हो या टेलीविजन, अगर शादी का सीन है तो 7 बजे आना होता है क्योंकि दो घंटे तैयार होने में लग जाते हैं। फिल्मों में स्क्रिप्ट डायलॉग पहले ही पता होते थे, यहाँ कभी–कभी सेट पर आकर पता चलता है कि आज ये सीन शूट होना है।

अगर आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिले तो जाएंगे?

अभी तो वहां सलमान होस्ट कर ही रहे हैं। जब मुझे होस्ट करने के लिए बुलाया  जाएगा तो जरूर जाऊंगा।

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