केरल के लव जेहाद मामले को राजनैतिक रंग देने से सुप्रीम कोर्ट नाराज

106 0

नई दिल्ली। केरल लव जिहाद मामले को राजनैतिक रंग देने पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने पति शफीन के वकील की दलीलों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मामले पर विचार करने से इनकार कर दिया और सुनवाई 30 अक्टूबर तक टाल दी।

ये मामला केरल में हिन्दू लड़की के धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम युवक से शादी करने का है। केरल हाईकोर्ट ने मामले को लव जिहाद मानते हुए शादी अवैध घोषित कर दी थी और लड़की को पिता के पास भेज दिया था। पति शफीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और पत्नी अखिला उर्फ हादिया को साथ रहने की इजाजत मांगी है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी है।

सोमवार को शफीन के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश बना रहने लायक नहीं है। लड़की ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करके शादी की है। उसे जबरदस्ती पिता के पास कैद करके रखा जा रहा है। लड़की कई बार हाईकोर्ट में कह चुकी है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है और शादी की है। उन्होंने कहा कि केरल में अंतरधर्मी शादियां होती हैं ऐसे मामलों में कोर्ट को नहीं पड़ना चाहिए। इसके बाद दवे का स्वर अचानक तेज हो गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केरल गए और उन्होंने लव जिहाद के बारे में बयान दिया है। शफीन पति है, उसे पत्नी की सुरक्षा को लेकर चिंता है।

तभी कोर्ट ने सरकार की ओर से पेश एएसजी मनिंदर सिंह से पूछा कि एक बालिग युवती अगर अपनी इच्छा से शादी करती है तो क्या कोर्ट बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए शादी को अवैध घोषित कर सकता है। सिंह ने कहा कि वैसे तो वे एनआईए की ओर से पेश हुए हैं लेकिन अगर कोर्ट कहेगा तो वे सरकार का पक्ष भी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने विभिन्न फैसलों को देखने के बाद ये पाया कि माता-पिता का भी अधिकार होता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में लड़की को सम्मोहित किया जाता है। जैसे ही सिंह ने ये बात कही दुष्यंत दवे ने तेज आवाज में भाजपा और अमित शाह पर आरोप लगाने शुरू कर दिये। कोर्ट में बहुत गर्मागर्मी हो गई। पीठ ने इस तरह की दलीलों पर कड़ी आपत्ति जताई और दवे से कहा कि इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट सिर्फ कानूनी सवाल पूछ रहा था। उनकी ओर से दी गई दलीलें ठीक नहीं हैं।

Read More : http://www.jagran.com/news/national-lawyer-told-off-by-court-for-raising-kerala-bjp-rally-in-love-jehad-case-16836906.html

 

Related Post

गर्लफ्रेंड ने कहा – मेरे बाप को मार दो तो शादी करूंगी, जानिए उसने क्या किया

Posted by - April 17, 2018 0
शामली। पश्चिमी यूपी के शामली में गर्लफ्रेंड से शादी करने के लिए 10वीं क्लास में पढ़ने वाले लड़के ने लड़की…

प्रद्युम्न मर्डर : नाबालिग छात्र का आरोप – सीबीआई ने कहा, जुर्म कबूल लो!

Posted by - November 14, 2017 0
आरोपी छात्र ने कहा – सीबीआई ने मुझसे कहा, जुर्म कबूल नहीं किया तो भाई की हत्या कर देंगे  गुरुग्राम के रेयान…

ताजमहल के पास पार्किंग ढहाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची यूपी सरकार

Posted by - October 25, 2017 0
नई दिल्‍ली :  सुप्रीम कोर्ट ने विश्व धरोहर ताजमहल से एक किलोमीटर दूर ताज संरक्षित क्षेत्र में बन रही मल्टी लेवल…

दिवाली पर पटाखों से सावधान रहें प्रेग्नेंट महिलाएं, जहरीले धुएं से गर्भपात का खतरा

Posted by - November 5, 2018 0
नई दिल्ली। दिवाली में पटाखों की धूम नहीं हो तो शायद कुछ कमी सी लगती है, लेकिन अगर पटाखे हमारी…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *