अब रेलवे के आला अफसरों को नहीं मिलेगा वीआईपी ट्रीटमेंट

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  • वीआईपी कल्चर पर रेल मंत्री पीयूष गोयल का वार, खत्म हुआ 36 साल पुराना प्रोटोकॉल
  • अब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और मेंबर्स को भी दौरे के वक्त वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा

नई दिल्ली। रेलवे में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए मिनिस्ट्री ने एक ऑर्डर जारी किया है। इसके मुताबिक, अब कोई भी रेलवे अफसर निजी कामों के लिए घरों में वर्कर्स की ड्यूटी नहीं लगा सकता है। ऐसा करने वाले अफसरों के लिए फौरन वर्कर्स को रिलीव करने के ऑर्डर दिए गए हैं ताकि रेलवे कर्मचारी अपने मूल काम पर लौट आएं। इसके अलावा 36 साल से जारी प्रोटोकॉल के तहत रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और मेंबर्स को भी दौरे के वक्त वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा।

ऑर्डर में कहा गया है कि बोर्ड के चेयरमैन और मेंबर्स की विजिट के वक्त मिलने वाले वीआईपी ट्रीटमेंट की गाइडलाइन्स को फौरन वापल लिया जाए। इतना ही नहीं, सीनियर अफसरों को अपने घरों में ड्यूटी पर लगे स्टाफ को भी फौरन रिलीव करना होगा। बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा कि दौरे पर गया कोई रेलवे अफसर अब बुके और गिफ्ट भी नहीं लेगा। अब चेयरमैन और मेंबर्स की जोनल विजिट में आवाजाही के वक्त जनरल मैनेजर को स्टेशन पर मौजूद रहना जरूरी नहीं है।

ये था अब तक प्रोटोकॉल
बता दें कि 1981 में जारी सर्कुलर के मुताबिक, अगर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और बाकी मेंबर्स किसी जोन के दौरा करते थे, तब जनरल मैनेजर को प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए उन्हें रिसीव करने और छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट्स जाना पड़ता था।

30 हजार ट्रैकमैन रेलवे अफसरों की ड्यूटी में लगे

एक सीनियर अफसर ने बताया कि फिलहाल 30 हजार ट्रैकमैन सीनियर अफसरों के घरों में काम पर लगे हुए हैं। इनमें से करीब 7 हजार वर्कर वापस अपने काम पर लौट आए हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही पूरा स्टाफ काम पर लौटेगा। स्पेशल कंडीशन्स को छोड़कर कोई भी रेलवे वर्कर्स से निजी काम नहीं करा सकता है।

रेलवे के सीनियर अफसर स्लीपर कोच में सफर करें
रेल मंत्री पीयूष गोयल कह चुके हैं कि रेलवे के अफसरों को आरामदायक सैलून्स (डिब्बों) और एक्जीक्यूटिव क्लास में सफर करना छोड़ देना चाहिए। वे स्लीपर और एसी थर्ड कोच में सफर करें ताकि पैसेंजर्स से घुल-मिल सकें। इनमें रेलवे बोर्ड के सभी मेंबर, जोन के जनरल मैनेजर और सभी 50 डिविजनों के मैनेजर शामिल हैं।

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