हनीप्रीत ने पुलिस से बचने के लिए 38 दिन में यूज किए 17 सिम कार्ड

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चंडीगढ़। राम रहीम की राजदार हनीप्रीत इंसा अब पुलिस की गिरफ्त में है लेकिन उसे पकड़ने के लिए पंजाब-हरियाणा पुलिस समेत कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के पसीने छूट गए थे। बीते 3 अक्टूबर को गिरफ्तारी से पहले 38 दिन तक फरार हनीप्रीत ने पुलिस से बचने के लिए 17 सिम कार्ड इस्तेमाल किए थे।

पुलिस ने हनीप्रीत को हिरासत में लेकर पंचकूला हिंसा में उसकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि 38 दिन फरार रहने के दौरान हनीप्रीत ने 3 इंटरनेशनल सिम कार्ड समेत कुल 17 सिम का इस्तेमाल किया ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक न कर सके। राम रहीम की संपत्ति की जांच के लिए हनीप्रीत को डेरा प्रमुख के ठिकानों पर भी ले जाया गया, जहां से पुलिस को हार्ड डिस्क भी बरामद हुई है जिसमें राम रहीम की 700 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति समेत हथियारों का डेटा दर्ज है। पुलिस हनीप्रीत से सिम कार्ड और विदेशों में संपर्क को लेकर पूछताछ कर रही है लेकिन वह अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हनीप्रीत कहना है कि उसका फोन कहीं खो गया था।

पंचकूला में राम रहीम की सजा के दिन हुई हिंसा में हनीप्रीत की भूमिका को लेकर भी सघन जांच की जा रही है। चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि उसके पास हिंसा भड़काने में हनीप्रीत की भूमिका को लेकर सबूत हैं। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने दावा करते हुए कहा कि हनीप्रीत पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, साथ ही वह पुलिस को पूछताछ में सहयोग भी नहीं कर रही है। कमिश्नार ने साफ कहा, ‘अभी तक की जांच में पाया गया कि हिंसा भड़काने में निश्चित तौर पर हनीप्रीत का हाथ रहा है।’

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