जीएसटी में किए गए बड़े बदलाव, छोट व्‍यापारियों व ज्‍वैलर्स को बड़ी राहत

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  • ज्वैलरी कारोबार मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के दायरे से बाहर, अब 2 लाख रुपये तक की खरीद पर पैन जरूरी नहीं
  • कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये, 1.5 करोड़ टर्नओवर पर 3 महीने में रिटर्न
  • 27 आइटम्‍स पर कम हुआ जीएसटी, स्टेशनरी के कई सामान पर जीएसटी अब 28 से घटकर 18 प्रतिशत हुई

नई दिल्‍ली। जीएसटी को लेकर व्‍यापारियों को आ रही दिक्‍कत की खबरों के बीच शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक हुई। बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उसकी जानकारी दी। वित्त मंत्री ने कहा, ‘जीएसटी को लागू किए हुए लगभग तीन महीने पूरे हो गए हैं। पहले दो महीनों की रिटर्न भी फाइल हुई हैं। इसका अलग-अलग कारोबारों पर क्या असर है और लोगों के क्या अनुभव रहे हैं, इन मुद्दों पर इस बैठक में चर्चा हुई।’

उन्‍होंने कहा, ‘एक प्रमुख विषय छोटे कारोबारी और निर्यात के क्षेत्र पर जीएसटी के असर पर खासतौर पर चर्चा हुई। उन्‍होंने कहा कि एक्‍सपोर्टर की धनराशि ब्लॉक हो गई है, जिससे उसे पैसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रिफंड की व्यवस्था सामान्य होने में कुछ समय लगेगा। 10 अक्टूबर से जुलाई और 18 अक्टूबर से अगस्त के महीने का रिफंड जांच कर एक्सपोर्टरों को चेक दे दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने बताया कि काउंसिल ने जीएसटी में कई अहम बदलाव किए हैं। प्रमुख बदलाव ये हैं –

  • जेटली ने कहा कि ज्वैलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है। जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा। पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर पैन देना अनिवार्य था।
  • अब हर 3 महीने में रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था पर सहमति बन गई है। 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर पर हर 3 महीने में रिटर्न भरनी होगी। कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है।
  • निर्यातकों को 6 महीने के लिए राहत। 6 महीने बाद हर निर्यातक को ई-वॉलेट मिलेगा। ई-वॉलेट सिस्टम 1 अप्रैल, 2018 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस व्यवस्था को एक कंपनी विकसित करेगी।
  • जेटली ने कहा कि एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर और एसी चार्ज वाले रेस्टोरेंट जो 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं, अब उनके मालिकों को 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
  • निर्यातकों को 10 अक्टूबर से टैक्स रिफंड किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि निर्यात पर 0.1 प्रतिशत का जीएसटी लागू है।
  • जेटली ने कहा कि आम, खाखरा और आयुर्वेदिक दवाओं पर जीएसटी की दर 12 से 5 फीसदी की गई है। स्टेशनरी के कई सामान पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत कर दी गई है। हाथ से बने धागों पर जीएसटी 18 से 12 प्रतिशत कर दी गई है।
  • प्लेन चपाती पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत कर दी गई है। आईसीडीएस किड्स फूड पैकेट पर जीएसटी 18 से 5 प्रतिशत की गई है।
  • अनब्रांडेड नमकीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होगी। यही दर अनब्रांडेड आयुर्वेदिक दवाओं पर भी लागू होगी।
  • डीजल इंजन के पार्ट्स पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगी। साथ ही दरी (कारपेट) पर जीएसटी की दर को 12 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • सबसे बड़ी राहत ये है कि अब एक ही फॉर्म से जीएसटी फाइल की जा सकेगी। साथ ही रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को मार्च 2018 तक स्थगित कर दिया गया है।

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