घुसपैठ की तो आतंकियों को ढाई फुट नीचे जमीन में भेजते रहेंगे : सेना प्रमुख

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सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर सर्जिकल स्ट्राइक दोबारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सेना घुसपैठ करने वाले आतंकियों को ढाई फुट जमीन के नीचे भेजती रहेगी।

इंडियाज मोस्ट फीयरलेस नामक किताब के लोकार्पण के बाद सेनाध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष नियंत्रण रेखा के पार जाकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान के लिए एक संदेश था जिसे हम देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि वे हमारे संदेश को समझ गए हैं। उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर ऐसी कार्रवाई फिर की जा सकती है। इस किताब में म्यांमार सीमा और नियंत्रण रेखा के पार की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जिक्र है।

एक सवाल के जवाब में जनरल रावत ने कहा कि हमें पता है कि सीमा पार आतंकवादियों के ठिकाने हैं और घुसपैठ जारी रहेगी। हम उनका स्वागत करते रहेंगे और आतंकवादियों को जमीन के ढाई फुट नीचे भेजते रहेंगे। यह पूछे जाने पर कि सीमा पार से घुसपैठ रूक तो नहीं रही है तो सेना इससे किस तरह निपटेगी और सेना इससे निपटने के लिए कितनी तैयार है , उन्होंने कहा  कि हम पर भरोस रखिए। सेना किसी भी जगह और कभी भी किसी भी तरह के मिशन को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने भी कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से देश में सेना और विदेशों में भारत का मान बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर के उरी में सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की थी तो उस समय सेना की कमान जनरल सुहाग के हाथ में ही थी।

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