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जीएसटी पंजीकरण शिविर में उमड़े व्यापारी

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सौजन्‍य त्रिपाठी

लखनऊ में आयोजित जीएसटी सेवा शिविर में व्यापारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। यहां वे जीएसटी से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं शांत करने पहुंच रहे हैं। सेवा कर और उत्पाद शुल्क विभाग ने राजधानी में दो शिविर लगाए हैं और हर शिविर में रोजाना औसतन 100 लोग आ रहे हैं। जैसा कि माना जा रहा है कि जीएसटी (माल एवं सेवा कर) को इसी साल 1 जुलाई से पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा। इसको देखते हुए व्यापारियों के साथसाथ संबंधित विभागों में भी घबराहट का माहौल है।

जीएसटी विभाग के अनुभाग अधिकारी अरुण प्रकाश बताते हैं जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में वस्‍तुओं और सेवाओं के लिए कर की दर एक समान हो जाएगी। इससे व्‍यापारियों को राज्य और केंद्रीय करों के कई रिकॉर्ड रखने से छुट्टी मिल जाएगी।

लखनऊ के अलीगंज में केंद्रीय भवन में आयोजित जीएसटी सेवा शिविर में आने वालों को जीएसटी से संबंधित सारी जानकारी दी जा रही है। अरुण प्रकाश ने बताया कि रोज 100 से अधिक व्यापारी शिविर में पहुंच रहे हैं। ज्‍यादातर व्‍यापारी आमतौर पर ऑनलाइन पंजीकरण में आने वाली तकनीकी समस्याओं के बारे में जानकारी करना चाहते हैं। वे कहते हैं कि केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने एक ऑनलाइन ऐप ACES (ऑटोमेशन ऑफ सेंट्रल एक्‍साइज एंड सर्विस टैक्‍स) लॉन्च किया है, जो ऑनलाइन पंजीकरण, रिटर्न और रिफंड दाखिल करने और टैक्सों का भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है।

विद्युत उपकरण बनाने वाले सुमित प्रधान बताते हैं कि टैक्स डिपार्टमेंट जाने पर यह जानकर बहुत राहत मिली कि उन्‍हें पंजीकरण कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। असल में 20 लाख रुपये से कम का कारोबार करने वाले किसी भी व्यवसायी को जीएसटी के लिए पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जीएसटी तो मेरे लिए एक वरदान साबित हुआ है।‘

सहायक आयुक्‍त कहते हैं कि संभव है जीएसटी लागू होने के बाद मौजूदा टैक्‍स डिपार्टमेंट्स के नाम बदल जाएं, हालांकि इस संबंध में अभी केंद्र सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है।

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