बोरियत के साथ कन्फ्यूज करती है ‘नूर’

104 0

निर्देशकः सुनील सिप्पी

सितारेः सोनाक्षी सिन्हा, कनन गिल, पूरब कोहली

पाकिस्तानी राइटर सबा इम्तियाज के उपन्यास ‘कराची! यू आर किलिंग मी’ पर आधारित ‘नूर‘ लंबे एकालाप जैसी है। जो आगे बढ़ती हुई बोरियत बढ़ाती जाती है। एक फ्रीलांस इंटरनेट जर्नलिस्ट के नजरिये से मुंबई को देखने की कोशिश उबाऊ है। फिल्म यह कहने की कोशिश जरूर करती है कि मुंबई और उसके जैसे तमाम आधुनिक बढ़ते शहर लोगों की जिंदगी खत्म कर रहे हैं। उनमें जीवन के खतरे बढ़ रहे हैं। संवेदनाएं मर रही हैं। परंतु यह सब बेहद सतही अंदाज में यहां है। न पत्रकार की पैनी नजर है और न लेखन की खूबसूरती। नूर (सोनाक्षी सिन्हा) परेशान है कि उसका वजन उसके ट्विटर फॉलोअर्स की संख्या से ज्यादा है और जिस एजेंसी से वह जुड़ी है, उसका बॉस रिसर्च आधारित स्टोरीज की जगह उसे सनी लियोनी का इंटरव्यू लाने जैसा ‘नॉन सीरियस’ काम सौंपता है!

नूर के किरदार की तरह कहानी कन्फ्यूज है। न ठीक-ठीक प्यार है और न करियर। यहां मानव अंगों की चोरी/तस्करी का मामला उठाया गया है, जो निश्चित अंजाम तक नहीं पहुंचता। रसूखदारों को संदेह का लाभ दिया गया। नूर इंटरनेट की आभासी और मायावी दुनिया जैसी रची गई है। अतः मनोरंजन भी फुसफुसा है। इंटरवेल तक जरूर नूर की निजी दुनिया में आज के वर्चुअल वर्ल्ड वाले युवाओं की तस्वीर सामने आती है लेकिन दूसरे हिस्से में वह भी गायब है। पहले हिस्से की घटनाओं को समेट लेने की कोशिश, खोखले नतीजे सामने लाती है। कैमरे की आंख से मुंबई को नए ढंग से दिखाने में भी फिल्म नाकाम है।

Read More: http://www.amarujala.com/entertainment/movie-review/noor-movie-review-starring-sonakshi-sinha-kanan-gill-purab-kohli-shibani-dandekar

Related Post

रहस्य गहराया : हार्ट अटैक नहीं, बाथटब में डूबने से हुई श्रीदेवी की मौत

Posted by - February 26, 2018 0
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा, श्रीदेवी के खून में अल्कोहल के अंश भी पाए गए दुबई पुलिस ने पब्लिक प्रॉसीक्‍यूटर…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *