• प्रधानमंत्री मोदी बोले – जमीन से आसमान तक भारत और फ्रांस मिलकर कर रहे काम

नई दिल्‍ली। भारत और फ्रांस के बीच शनिवार (10 मार्च) को विभिन्न क्षेत्रों में 14 अहम समझौते हुए। ये समझौते रेलवे, शहरी विकास, रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में किए गए। भारत और फ्रांस हिंद महासागर में एक-दूसरे का सहयोग भी करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ये समझौते हुए। मैक्रों चार दिन के दौरे पर भारत आए हैं।

दोनों देशों में सदियों पुरानी साझेदारी : मोदी

इस मौके पर दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कांफ्रेंस भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम सिर्फ दो सशक्त स्वतंत्र देशों और दो विविधतापूर्ण लोकतंत्रों के ही नेता नहीं हैं, हम दो समृद्ध और समर्थ विरासतों के उत्तराधिकारी हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी (भारत-फ्रांस) रणनीतिक भागीदारी भले ही 20 साल पुरानी हो, हमारे देशों और हमारी सभ्यताओं की आध्यात्मिक साझेदारी सदियों लंबी है।’ साझा प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘जमीन से आसमान तक कोई ऐसा विषय नहीं है जिसमें भारत और फ्रांस साथ मिलकर काम ना कर रहे हों। रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष और उच्च तकनीक में भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय सहयोग का इतिहास बहुत लंबा है। सरकार किसी की भी हो, हमारे संबंधों का ग्राफ सिर्फ और सिर्फ ऊंचा ही जाता है।’

पीपुल-टू पीपुल कनेक्शन

पीएम मोदी ने बताया, ‘आज हमारी सेनाओं के बीच पारस्परिक लॉजिस्टिक सपोर्ट का समझौते हुआ है। इसे मैं हमारे घनिष्ठ रक्षा सहयोग के इतिहास में एक स्वर्णिम कदम मानता हूं।’ मोदी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि हमारे युवा एक दूसरे के देश को जानें। एक दूसरे के देश को देखें, समझें, काम करें, ताकि हमारे संबंधों के लिए हजारों उच्चायुक्त तैयार हों, इसलिए आज हमने दो महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। इनमें एक समझौता एक-दूसरे की शिक्षा योग्यताओं को मान्यता देने का है यानी भारत की डिग्री अब फ्रांस में मान्‍य होगी। दूसरा समझौता माइग्रेशन और मोबिलिटी साझेदारी को गति देना है। ये दोनों समझौते हमारे देशवासियों के, हमारे युवाओं के बीच करीबी संबंधों का खाका तैयार करेंगे।’

आतंक के खिलाफ लड़ाई में साथ : मैक्रों

साझा प्रेस कॉन्फेंस में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक गठजोड़ है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ साथ लड़ाई का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद एक बड़ा खतरा है और विश्व में शांति को बढ़ावा देने की जरूरत है। दोनों देश आतंक और उसकी फंडिंग के खिलाफ लड़ेंगे।’

राष्‍ट्रपति भवन में दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

इससे पहले, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उनकी पत्नी ब्रिगित मैरी क्लाउड भी साथ थीं। राजघाट पर बापू को नमन करने के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। शनिवार सुबह मैक्रों राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उनकी पत्नी सविता कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे।