• देश के सबसे गरीब मुख्‍यमंत्री के तौर पर होती थी माणिक सरकार की गिनती
  • अपनी तनख्‍वाह दे देते थे पार्टी को, हर महीने पांच हजार रुपये देती थी पार्टी

अगरतला। हाल ही में विधानसभा चुनाव में सीपीएम की पराजय के बाद त्रिपुरा के सीएम का पद माणिक सरकार ने गंवा दिया था। अब खबर है कि उन्होंने सीएम आवास छोड़ने के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीएम के दफ्तर के ऊपर एक फ्लैट में अपनी नई रिहाइश बनाई है।

कौन हैं माणिक सरकार ?
माणिक सरकार की गिनती देश के सबसे गरीब सीएम के तौर पर रही। वो अपनी तनख्वाह सीपीएम को दे देते थे, जिसके एवज में पार्टी हर महीने खर्च के लिए माणिक को पांच हजार रुपए देती थी। माणिक सरकार 25 साल तक त्रिपुरा पर शासन करने वाली सीपीएम के नामचीन और स्वच्छ छवि के सीएम के तौर पर देशभर में प्रसिद्ध हो गए थे।

मकान तक नहीं माणिक के पास
माणिक सरकार के पास खुद का मकान भी नहीं है। अपना पैतृक मकान उन्होंने बहन को दान दे दिया था। उनकी पत्नी पांचाली भट्टाचार्य सरकार केंद्र की कर्मचारी रही हैं। पांचाली ने अगरतला में एक जमीन खरीदी थी जिस पर कोई कंस्ट्रक्शन नहीं हुआ है। इस जमीन को लेकर माणिक सरकार पर आरोप भी लगे थे।

बीजेपी ने क्या कहा ?
त्रिपुरा में बीजेपी सरकार के सीएम पद की शपथ लेने जा रहे बिप्लब देब का कहना है कि माणिक सरकार को बतौर पूर्व सीएम सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही नेता विपक्ष को मिलने वाले कैबिनेट मंत्री स्तर का प्रोटोकॉल भी माणिक सरकार को दिया जाएगा। हालांकि, ये प्रोटोकॉल तभी मिलेगा, जब माणिक सरकार को सीपीएम नेता विपक्ष बनाएगी। (एजेंसी)